नायब तहसीलदार से मारपीट का मामला गरमाया: BJP विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तहसीलदारों की हड़ताल का दूसरा दिन, प्रदेशभर में कामकाज ठप

अंबिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरगुजा जिले में राजस्व अधिकारी और सत्ताधारी भाजपा विधायक के बीच उपजा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक संकट में बदल गया है। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो (Ramkumar Toppo) और उनके समर्थकों द्वारा एक नायब तहसीलदार के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के विरोध में प्रदेश भर के लगभग 500 तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। मंगलवार को इस हड़ताल (Tehsildar Strike) का दूसरा दिन है। राज्य के 146 तहसीलों और उप-तहसीलों में सभी राजस्व कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट को लेकर शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद 27 मई 2026 को सरगुजा जिले की मैनपाट तहसील के अंतर्गत राजापुर उप-तहसील कार्यालय में हुआ था।
- अधूरे दस्तावेज: नायब तहसीलदार तुषार मानिक के अनुसार, एक बुजुर्ग महिला कैदी के पैरोल से जुड़े ‘सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट’ (शोध क्षमता प्रमाण पत्र) के लिए आई थी, लेकिन उसके दस्तावेज अधूरे थे।
- दबाव और बहस: कुछ देर बाद विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धानकी वहां पहुंचीं और अधिकारी पर तुरंत फाइल साइन करने का दबाव बनाने लगीं। नायब तहसीलदार ने प्रशासनिक स्टाफ (रीडर) की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए तुरंत हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
- कथित मारपीट: मानिक का आरोप है कि बाद में उन्हें विधायक के पीए ने कॉल करके राजापुर बुलाया। वहां एसडीएम फागेश सिन्हा की मौजूदगी में विधायक टोप्पो और उनके 10-20 समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज की, कपड़े फाड़े और मारपीट की।
दोनों पक्षों की क्रॉस FIR और विधायक का बयान
इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर (Cross-FIR) दर्ज कर ली है।
- विधायक पर केस: नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों (युसूफ, नाजिम राजा, पंकज गुप्ता आदि) के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।
- अधिकारी पर केस: वहीं, विधायक की बहन सीमा धानकी की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ अभद्र व्यवहार, जातिगत टिप्पणी और महिला का अपमान करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज हुआ है।
- विधायक का पलटवार: आरोपों से इनकार करते हुए विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि वे गिरफ्तारी देने और कानूनी जांच का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने हड़ताल को अनुचित बताते हुए कहा कि यह सुशासन की सरकार है, कांग्रेस का दौर नहीं।
आम जनता पर पड़ रहा हड़ताल का सीधा असर
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे का कहना है कि जब तक आरोपी विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल के कारण प्रदेशभर में नामांतरण (Mutation), जाति और आय प्रमाण पत्र, राजस्व न्यायालय के मामले और भूमि अधिग्रहण जैसे अति-महत्वपूर्ण काम पूरी तरह से रुक गए हैं। संघ के प्रतिनिधियों ने सोमवार को राजस्व विभाग के सचिव के साथ बैठक भी की थी, लेकिन हड़ताल खत्म करने पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।



