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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में 2 से 3 डिग्री गिरेगा पारा, आंधी और बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और नौतपा की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल प्रदेश के मौसम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है जिससे चिलचिलाती धूप से थोड़ी निजात मिलेगी। CG Weather Update के मुताबिक अगले 2 दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि इस राहत के साथ ही मौसम विभाग ने तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी जारी की है।

द्रोणिका के प्रभाव से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में एक द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और मध्यप्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़ से लेकर दक्षिण ओडिशा तक बनी हुई है। दरअसल इसी मजबूत मौसमी सिस्टम की वजह से प्रदेश में बादल छाने तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं।

शनिवार को राजनांदगांव जिला पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजधानी रायपुर के लालपुर क्षेत्र में पारा 42.8 डिग्री और माना एयरपोर्ट में 43.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और पेंड्रारोड जैसे इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत काफी कम रहा।

  • रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।
  • शाम के समय इन क्षेत्रों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) का भारी खतरा है।
  • रायपुर शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी चलने की पूरी संभावना है।
  • मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल खड़े न हों।

प्री-मानसून गतिविधियां तेज, अगले 5 दिन रहें सावधान

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में अब प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से पैर पसार रही हैं। यही वजह है कि दिन के वक्त तेज गर्मी पड़ती है और शाम होते-होते मौसम अचानक करवट ले लेता है। मौसम विभाग के 7 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 1 जून से 5 जून तक प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और अंधड़ का यह दौर लगातार जारी रहेगा।

दरअसल इस मौसम को देखते हुए किसानों को अपनी कटी हुई फसल और कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और टीन शेड वाले घरों को तेज हवाओं से नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने स्कूल से लौटने वाले बच्चों और मजदूरों को भी इस बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

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