Exclusive

Middle East Crisis: ट्रम्प के इजराइल प्रस्ताव को पाकिस्तान ने ठुकराया, इधर क्वाड बैठक के लिए भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

US Iran War Threat:वाशिंगटन/इस्लामाबाद/नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध (US-Iran War Threat) और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया भर में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने मध्य पूर्व में शांति के लिए ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ (Abraham Accords) का विस्तार करते हुए मुस्लिम देशों से इजराइल को मान्यता देने की मांग की है। हालांकि, पाकिस्तान ने ट्रम्प के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीति को धार देने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ‘क्वाड’ (Quad) की अहम बैठक के लिए भारत पहुंच चुके हैं।

पाकिस्तान ने ठुकराया ट्रम्प का प्रस्ताव: ‘विचारधारा के खिलाफ’

डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और पाकिस्तान जैसे देशों से इजराइल को आधिकारिक रूप से मान्यता देने की अपील की थी। इस पर पाकिस्तान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है:

  • रक्षा मंत्री का बयान: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ कहा कि उनका देश ऐसे किसी भी समझौते में शामिल नहीं होगा जो पाकिस्तान की “बुनियादी विचारधारा” से टकराता हो।
  • पासपोर्ट का जिक्र: उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसके पासपोर्ट पर स्पष्ट लिखा होता है कि यह इजराइल के लिए मान्य नहीं है।
  • भरोसे पर सवाल: आसिफ ने कहा, “हम उन लोगों के साथ बातचीत की मेज पर कैसे बैठ सकते हैं, जिनके वादों पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता?” पाकिस्तान का रुख है कि जब तक फिलिस्तीन एक स्वतंत्र राष्ट्र नहीं बनता, इजराइल को मान्यता नहीं दी जाएगी।

ट्रम्प का ‘ग्रैंड प्लान’ और ईरान युद्ध का साया

डोनाल्ड ट्रम्प मिडिल ईस्ट में एक बड़ा समझौता (Grand Bargain) करना चाहते हैं।

  • अब्राहम अकॉर्ड्स का विस्तार: ट्रम्प का मानना है कि इस समझौते से मिडिल ईस्ट को 5000 साल में पहली बार असली ताकत और शांति मिल सकती है।
  • ईरान के साथ बातचीत: ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह ‘ग्रेट डील’ नहीं हुई, तो हालात फिर से युद्ध के मोर्चे (Battlefront) पर लौट आएंगे जो पहले से भी ज्यादा भयानक होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि शांति होने पर ईरान को भी इस समझौते का हिस्सा बनाया जा सकता है।

मार्को रुबियो का ‘क्वाड’ स्टेटमेंट और भारत दौरा

इन वैश्विक तनावों के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्वाड (Quad – भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली में हैं:

मुख्य बिंदु (Key Focus Areas)विवरण (Description)
ईरान पर मतभेदरुबियो ने स्वीकार किया कि ईरान पर अमेरिकी हमले का इजराइल के अलावा किसी अन्य सहयोगी ने खुलकर समर्थन नहीं किया है, जिससे ट्रम्प नाराज भी हुए थे।
क्वाड की मजबूतीरुबियो ने कहा कि क्वाड को अब सिर्फ बात करने वाला मंच नहीं, बल्कि एक्शन लेने वाला समूह बनना होगा।
महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)चीन के दबदबे को कम करने के लिए क्वाड देश महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर मिलकर काम करेंगे।
पाकिस्तान की मध्यस्थतारुबियो ने स्पष्ट किया कि ईरान-अमेरिका संकट में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और भारत ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की इस भूमिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, हालांकि सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताएं बरकरार हैं।

Related Articles

Back to top button