Mahasamund LPG Gas Scam: महासमुंद में 1.5 करोड़ की LPG गैस का बड़ा गबन, अमानत में खयानत करने वाले सलाखों के पीछे

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से धोखाधड़ी और आपराधिक न्यास भंग का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस और खाद्य विभाग द्वारा सुरक्षित रखने के लिए दी गई 90 टन एलपीजी गैस को ही कंपनी के जिम्मेदारों ने बेच खाया। इस पूरी गैस की बाजार कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस बड़े गबन का पर्दाफाश कर दिया है।
रक्षक ही बन गए भक्षक
सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रक जब्त किए थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग ने इन कैप्सूलों को अभनपुर के उरला स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सुपुर्दनामे के तहत सौंप दिया था। लेकिन जिन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही बेईमानी कर ली।
5 दिनों के भीतर बेच दी 90 टन
गैस महासमुंद और अभनपुर पुलिस की संयुक्त जांच में पता चला है कि ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक, डायरेक्टर और प्लांट मैनेजर ने मिलकर एक बड़ी साजिश रची। 31 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच, यानी महज 5 दिनों के भीतर इन सभी 6 कैप्सूलों से गैस खाली कराकर बाजार में बेच दी गई। दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल में इस 1.5 करोड़ के आर्थिक अपराध की पुष्टि हुई है।
40 सदस्यीय टीम का एक्शन, 1 गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद पुलिस ने 40 सदस्यों की एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने दिन-रात एक कर महज 4 दिनों में पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ लीं। पुलिस ने इसे अमानत में खयानत का गंभीर मामला मानते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।



