प्री-मानसून की दस्तक: 28 से 30 अप्रैल तक 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

भीषण गर्मी के बीच देश के बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दरअसल प्री-मानसून की दस्तक के साथ ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 13 से अधिक राज्यों में 28, 29 और 30 अप्रैल को भारी बारिश और धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी किया है। हालांकि यह बारिश एक तरफ राहत लेकर आई है, लेकिन दूसरी तरफ किसानों और आम जनजीवन के लिए ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ा रही है।
उत्तर और पूर्व भारत में ‘कुदरत का खेल’: ओले और 50 किमी की रफ्तार से हवाएं
उत्तरपश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ने की संभावना है। दरअसल उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पूर्वी और मध्य भारत की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रहने वाली है:
- पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में ‘थंडरस्क्वाल’ यानी तीव्र आंधी का अलर्ट है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई गई है।
- ओडिशा और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
अल-नीनो का साया और मानसून 2026 का भविष्य
वर्ष 2025 में शानदार बारिश देखने के बाद विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई थी कि 2026 में भी इंद्र देव मेहरबान रहेंगे। हालांकि हालिया रिपोर्ट्स ने चिंता बढ़ा दी है क्योंकि प्रशांत महासागर में अल-नीनो (El Nino) की स्थिति मजबूत हो रही है। परिणामस्वरूप इस साल के मुख्य मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। दरअसल विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार मई से जुलाई के बीच अल-नीनो सक्रिय हो सकता है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में भारी बादल बरसेंगे। इसके अलावा असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दरअसल बदलते मौसम के इस दौर में लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।



