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Assembly Elections: मंचों से महिला सशक्तिकरण के बड़े दावे, लेकिन 5 राज्यों के चुनाव में आधी आबादी को कितने मिले टिकट?

Women Candidates in Assembly Elections:दुनिया भर में युद्ध और देश में महंगाई जैसी सुर्खियों के बीच भारत में राजनीतिक पार्टियां महिला अधिकारों को लेकर बड़े-बड़े वादे कर रही हैं। चुनावी मंचों से जब नेता घोषणापत्र पढ़ते हैं, तो उनके केंद्र में महिलाएं ही होती हैं। लेकिन जब बात इन महिलाओं को राजनीतिक मजबूती देने और चुनाव में टिकट बांटने की आती है, तो ये राजनीतिक दल पीछे हट जाते हैं। वर्तमान में असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी (एक केंद्र शासित प्रदेश) चुनावी दौर से गुजर रहे हैं। आइए एडीआर (ADR) के आंकड़ों के जरिए जानते हैं कि किस राज्य में आधी आबादी को कितनी हिस्सेदारी मिली है।

असम में 50% महिला वोटर, लेकिन टिकट सिर्फ 8% को

पूर्वोत्तर राज्य असम की मतदाता सूची में महिलाओं की हिस्सेदारी 49.98 प्रतिशत है, यानी लगभग आधी।

  • लेकिन जब टिकट बंटवारे की बात आई, तो राज्य में कुल 722 उम्मीदवारों में से महिलाओं की हिस्सेदारी महज 8 फीसदी ही रही।
  • राज्य की सभी पार्टियों ने मिलाकर कुल 60 महिलाओं को टिकट दिया है।
  • भाजपा ने 90 में से 84 पुरुषों और सिर्फ 6 महिलाओं को टिकट दिया।
  • कांग्रेस ने 99 में से 86 पुरुषों और 13 महिलाओं को मैदान में उतारा।

केरल और तमिलनाडु का हाल

दक्षिण भारतीय राज्य केरल (140 सीटें) में मुख्य मुकाबला लेफ्ट (LDF) और कांग्रेस (UDF) के बीच है।

  • केरल में कुल 863 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 771 पुरुष हैं और महिला प्रत्याशियों की संख्या मात्र 92 यानी 11 प्रतिशत है।
  • भाजपा ने यहां 13, सीपीएम ने 12 और कांग्रेस ने केवल 7 महिलाओं को टिकट दिया है।
  • वहीं, 234 सीटों वाले तमिलनाडु की बात करें तो यहां 4023 उम्मीदवारों में से 442 महिलाओं को टिकट दिए गए हैं।
  • डीएमके ने 175 में से 19 महिलाओं को, जबकि एआईएडीएमके ने सबसे ज्यादा महिलाओं पर भरोसा जताया है।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सबसे आगे

पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। राज्य में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आधार महिला वोटर्स को माना जाता है।

  • सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 291 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 52 महिलाओं को मौका दिया है।
  • इसके बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस है, जिसने 35 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
  • लेफ्ट दलों ने 253 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 34 महिलाओं को और भाजपा ने पूरी 294 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 33 महिलाओं को अपना प्रत्याशी बनाया है।

पुडुचेरी में नाम मात्र की हिस्सेदारी

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कुल 30 विधानसभा सीटें हैं।

  • यहां 291 उम्मीदवारों में से 251 पुरुष और मात्र 40 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं। यह कुल उम्मीदवारों का सिर्फ 14 प्रतिशत है।
  • कांग्रेस ने यहां 21 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 20 पुरुषों और केवल 1 महिला को टिकट दिया है।
  • एनटीके (NTK) एकमात्र ऐसी पार्टी दिखी जिसने 28 सीटों पर 14 पुरुष और 14 महिलाओं को समान रूप से मौका दिया।

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार इन सभी 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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