Bilaspur Almond Protest Effect: ‘बादाम वाले’ प्रदर्शन का हुआ असर, हाउसिंग बोर्ड के 2 अधिकारी नपे, रायपुर अटैच

बिलासपुर के तिफरा हाउसिंग बोर्ड ऑफिस में एक आम आदमी द्वारा किया गया ‘बादाम प्रोटेस्ट’ अब रंग लाया है। 1 साल से अपनी फाइल के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहे तोरण साहू के अनोखे विरोध और वायरल वीडियो ने पूरे सिस्टम की नींद उड़ा दी है। वीडियो वायरल होने के ठीक 1 दिन बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के मुख्यालय ने इस मामले में बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। काम में भारी लापरवाही बरतने और जानबूझकर फाइल दबाकर रखने के आरोप में 2 अधिकारियों पर गाज गिरी है।
जांच में खुली कामचोर अधिकारियों की पोल
दरअसल, 17 अप्रैल 2026 को तोरण साहू का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे महिला अधिकारी की टेबल पर 500 ग्राम बादाम यह कहते हुए फेंक रहे थे कि शायद इसे खाने से आपकी याददाश्त वापस आ जाए। वीडियो संज्ञान में आने के बाद हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
- जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह हैरान करने वाली थी। तोरण साहू ने अपने फ्लैट (क्रमांक 41/483) के नामांतरण के लिए 17 मार्च 2025 को ही आवेदन कर दिया था।
- फाइल और नोटशीट की जांच से पता चला कि 11 नवंबर 2025 को ही संपदा अधिकारी ने नामांतरण से पहले आम सूचना प्रकाशन के पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
- जावक शाखा से इसे डिस्पैच भी कर दिया गया था, लेकिन अधिकारियों ने यह पत्र कभी तोरण साहू को भेजा ही नहीं।
- पत्र को जानबूझकर आज दिनांक तक फाइल में ही दबाकर रखा गया, जिसके कारण तोरण साहू 1 साल तक मानसिक रूप से परेशान होते रहे।
इन 2 अधिकारियों पर गिरी गाज, हुए रायपुर अटैच

इस गंभीर लापरवाही और आम नागरिक को परेशान करने के आरोप में विभाग ने सख्त आदेश जारी किया है।
- आदेश के अनुसार, तत्कालीन संपदा अधिकारी (कार्यपालन अभियंता) एल.पी. बंजारे और संबंधित कॉलोनी प्रभारी (वरिष्ठ सहायक) पूनम बंजारे को इस कृत्य का दोषी पाया गया है।
- इन दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बिलासपुर से हटाकर आगामी आदेश तक छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल मुख्यालय, पर्यावास भवन, नवा रायपुर अटल नगर में उनके मूल पद पर संलग्न (अटैच) कर दिया गया है।



