CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्ष की नई तैयारी, 200 सांसदों का समर्थन जुटाने की योजना

भारत में चुनावी व्यवस्था को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद फिर से तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को हटाने के लिए एक नया प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कई विपक्षी पार्टियों के नेता इस मुद्दे पर एक साथ बातचीत कर रहे हैं और एक नई नोटिस तैयार की जा रही है।
200 सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश
इस पहल में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (SP) और डीएमके समेत कई दलों के कम से कम 5 वरिष्ठ सांसद शामिल बताए जा रहे हैं। विपक्ष का लक्ष्य इस बार ज्यादा समर्थन जुटाने का है। इसके लिए करीब 200 सांसदों के हस्ताक्षर हासिल करने की कोशिश हो रही है, ताकि सरकार और चुनाव आयोग पर मजबूत दबाव बनाया जा सके।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और कामकाज में पारदर्शिता की कमी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि आयोग के कई फैसले पक्षपातपूर्ण दिखाई देते हैं और सरकार के प्रभाव में लिए गए हैं। इसके साथ ही विशेष मतदाता सूची सुधार (SIR) जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, जिससे मतदाता अधिकार प्रभावित होने की बात कही गई है।
पहले खारिज हो चुके हैं नोटिस
विपक्ष का कहना है कि इससे पहले भी जो नोटिस दिए गए थे, उन्हें खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब वे इस मुद्दे को और मजबूती से उठाना चाहते हैं। हालांकि, संसद के दोनों सदनों के अध्यक्षों ने पहले इन नोटिसों को खारिज कर दिया था। उनका तर्क था कि संविधान के अनुसार किसी भी अधिकारी को हटाने के लिए गंभीर कदाचार का ठोस सबूत जरूरी होता है। केवल राजनीतिक असहमति या प्रशासनिक फैसलों पर मतभेद के आधार पर हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।
अध्यक्षों ने यह भी स्पष्ट किया था कि विपक्ष के कई आरोप या तो अनुमान पर आधारित हैं या फिर अदालत में विचाराधीन मामलों से जुड़े हैं। इसलिए इन्हें आधार बनाकर हटाने की कार्रवाई संभव नहीं है। अब 1 बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में संसद में इस पर तीखी बहस होने की संभावना है।



