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Chhattisgarh MP Fund Report Card: बस्तर में विकास सबसे धीमा, 11 सांसदों का पूरा हिसाब

छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को लेकर सांसदों की सक्रियता पर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। दरअसल हर सांसद को अपने क्षेत्र में विकास के लिए हर साल 5 करोड़ रुपये मिलते हैं।

दरअसल जनता के पैसों का सही उपयोग किस क्षेत्र में कितना हुआ है इसका पूरा डाटा सामने आ गया है। MP Fund Report Card Chhattisgarh के नए आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के कई हिस्सों में सांसद निधि का काम बहुत धीमा है। परिणामस्वरूप आम जनता को उन बुनियादी सुविधाओं का इंतजार करना पड़ रहा है जो अब तक पूरी हो जानी चाहिए थीं। हालांकि कुछ सांसदों ने अपने क्षेत्र में बेहतर काम किया है लेकिन आदिवासी बाहुल्य बस्तर लोकसभा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है।

MP Fund Report Card Chhattisgarh और बस्तर का धीमा विकास

प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में से बस्तर ही एक ऐसा क्षेत्र है जहां विकास की रफ्तार सबसे कम दर्ज की गई है। दरअसल बस्तर सांसद महेश कश्यप ने 9.56 करोड़ रुपये की लागत से 170 विकास कामों की अनुशंसा की थी। इसके अलावा इनमें से 168 कामों को प्रशासन से मंजूरी भी मिल गई है। हालांकि हैरानी की बात यह है कि इन मंजूर हुए 168 कामों में से अब तक केवल 15 काम ही पूरे हो सके हैं। परिणामस्वरूप बस्तर की जनता को अपने हिस्से के विकास कार्यों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और काम अटके पड़े हैं।

11 लोकसभा सीटों पर विकास कार्यों का पूरा हिसाब

बाकी लोकसभा क्षेत्रों की बात करें तो वहां भी आंकड़ों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा सभी 11 सांसदों के कामकाज का स्पष्ट ब्योरा सामने आ चुका है। दरअसल रायपुर से लेकर सरगुजा तक हर सांसद के फंड और काम की स्थिति अलग-अलग है।

  • रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 131 कामों की अनुशंसा की जिसमें 126 को मंजूरी मिली और 26 काम पूरे हुए। अब तक 5.93 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
  • रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने 138 कामों की अनुशंसा की जिसमें 132 मंजूर हुए और 58 काम पूरे हुए। यहां 7.11 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • दुर्ग सांसद विजय बघेल ने 162 कामों की अनुशंसा की जिसमें 142 को मंजूरी मिली और 58 काम पूरे हुए। अब तक 3.97 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है।
  • कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने 287 कामों की अनुशंसा की जिसमें 273 मंजूर हुए और 79 काम पूरे हुए। यहां 6.30 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
  • कांकेर सांसद भोजराज नाग ने 63 कामों की अनुशंसा की जिसमें 61 मंजूर हुए और 20 काम पूरे हुए। अब तक 2.87 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े ने 278 कामों की अनुशंसा की जिसमें 277 मंजूर हुए और 157 काम पूरे हुए। यहां सर्वाधिक 8.44 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
  • महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने 149 कामों की अनुशंसा की जिसमें 143 मंजूर हुए और 64 काम पूरे हुए। अब तक 6.23 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है।
  • बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने 127 कामों की अनुशंसा की जिसमें 113 मंजूर हुए और 26 काम पूरे हुए। यहां 3.81 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • बस्तर सांसद महेश कश्यप के 170 अनुशंसित कामों में 168 मंजूर हुए लेकिन मात्र 15 काम पूरे हुए। अब तक 4.78 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
  • राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने 163 कामों की अनुशंसा की जिसमें 102 मंजूर हुए और 45 काम पूरे हुए। यहां 3.63 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
  • सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज ने 327 कामों की अनुशंसा की जिसमें 234 मंजूर हुए और 43 काम पूरे हुए। अब तक 4.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

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