
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के 2 बड़े युद्धपोतों को रास्ते से ही खदेड़ कर वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
30 मिनट में भागे अमेरिकी जहाज
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी नेवी के विध्वंसक जहाजों (Destroyer Ships) ने होर्मुज पार करने की कोशिश की थी।
- जैसे ही अमेरिकी युद्धपोतों ने होर्मुज में घुसपैठ का प्रयास किया, ईरान ने सख्त चेतावनी दी कि थोड़ा भी आगे बढ़ने पर जबरदस्त हमला किया जाएगा और जहाज को डुबो दिया जाएगा।
- ईरान के कड़े प्रतिरोध और चेतावनी के बाद महज 30 मिनट के भीतर अमेरिका के जहाज वहां से भाग खड़े हुए।
- जिन 2 अमेरिकी युद्धपोतों को पीछे हटना पड़ा, उनके नाम ‘यूएसएस फ्रैंक ई पिटरसन’ और ‘यूएसएस माइकल मर्फी’ हैं।
इस्लामाबाद में चल रही थी मीटिंग
दिलचस्प बात यह है कि जब अमेरिकी जहाज होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, उस वक्त पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर एक अहम मीटिंग जारी थी।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि घुसपैठ की जानकारी तुरंत इस्लामाबाद में मौजूद ईरानी नेताओं को दी गई। ईरान ने वार्ता में साफ अल्टीमेटम दिया कि अगर 30 मिनट में ये जहाज वापस नहीं लौटते, तो उन पर हमला कर दिया जाएगा। इसी भारी दबाव के कारण अमेरिका को एक बार फिर झुकने और अपने कदम पीछे खींचने पर मजबूर होना पड़ा।
होर्मुज में बिछी हैं बारूदी सुरंगें
ईरान की सशस्त्र सेनाओं की कमान ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज जलसंधि से किसी भी जहाज के गुजरने का अंतिम फैसला केवल ईरान के हाथ में है। ईरान का दावा है कि उसने इस समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछा रखी हैं और बिना इजाजत पार करने वाले किसी भी जहाज को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा।
क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की धड़कन है।
- यह करीब 35 किलोमीटर चौड़ा एक संकरा रास्ता है।
- यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है और दुनिया भर में तेल और गैस की लगभग 20 प्रतिशत सप्लाई यहीं से होती है।
- सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे खाड़ी देशों का तेल इसी रास्ते से पूरी दुनिया में पहुंचता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र के साथ-साथ सूचना युद्ध भी जारी है। अमेरिका दावा कर रहा है कि उसके जहाज पार कर गए, जबकि ईरान खदेड़ने का दावा कर रहा है। सच्चाई जो भी हो, लेकिन Hormuz Strait Crisis ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक नई चिंता में डाल दिया है।



