
मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच इजरायल के वित्त मंत्रालय ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा जारी किया है। इन आंकड़ों के अनुसार, ईरान के साथ चल रही जंग में इजरायल को अब तक भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। इजरायल ने इस युद्ध में कम से कम 11.5 बिलियन डॉलर यानी 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च कर दी है।
इजराइल के वित्त मंत्रालय ने युद्ध की लागत का यह शुरुआती अनुमान जारी किया है। इसमें अभी बिजनेस और एयरपोर्ट के बंद रहने से होने वाले नुकसान को पूरी तरह से जोड़ना बाकी है।
सैन्य उपकरणों और सैनिकों पर 60 हजार करोड़ का खर्च
इजरायल के वित्त मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सैन्य मोर्चे पर देश का खजाना तेजी से खाली हुआ है:
- रक्षा और सैन्य खर्च पर करीब 7.25 बिलियन डॉलर यानी 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं।
- इस खर्च में मुख्य रूप से नए रक्षा उपकरणों की खरीद और 1 लाख से ज्यादा रिजर्व सैनिकों की तैनाती का खर्च शामिल है।
आम लोगों और बिजनेस को 37 हजार करोड़ का नुकसान
युद्ध का असर सिर्फ सेना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम नागरिकों और व्यापार को भी भारी चोट पहुंची है:
- मिसाइल हमलों और जंग से जुड़ी अन्य वजहों से व्यवसायों और आम नागरिकों को करीब 4 बिलियन डॉलर यानी 37 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
- इस नुकसान में कामकाजी दिनों के नुकसान को भी शामिल किया गया है।
40 दिनों की बंदी का आकलन अभी बाकी
इजरायली वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ खर्चों का पूरा आकलन करना अभी बाकी है। इसमें 40 दिनों तक एयरपोर्ट और कई छोटे-बड़े बिजनेस के बंद रहने से हुए आर्थिक नुकसान का हिसाब शामिल है। इसका प्रभाव भविष्य में और अधिक स्पष्ट होगा।
गाजा युद्ध से कितना अलग है यह खर्च?
आंकड़ों की तुलना करें तो, गाजा के साथ जंग के चरम पर इजरायल हर महीने करीब 4.7 बिलियन डॉलर यानी 43 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का सैन्य खर्च कर रहा था। यह आंकड़ा 7 अक्टूबर 2023 के हमले से पहले के इजरायल के मासिक बजट के 2 गुना से भी ज्यादा था। वहीं ईरान के साथ सीधे टकराव ने इस खर्च के बोझ को और अधिक बढ़ा दिया है।



