
असम (Assam) विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास 3 अलग-अलग देशों (यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा, और मिस्र) के पासपोर्ट हैं। इसके अलावा, उन पर दुबई में 2 संपत्तियां और अमेरिका (US) में लगभग 52,000 करोड़ रुपये के बजट वाली एक कंपनी से जुड़े होने का भी आरोप लगाया गया है। इस विवाद के बाद भारत में दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) और विदेशी पासपोर्ट नियमों को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
Riniki Bhuyan Passport Case: क्या कहते हैं भारत के नियम?
नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 के तहत, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता अपने आप समाप्त हो जाती है। भारतीय संविधान किसी भी व्यक्ति को एक ही समय में भारतीय और विदेशी दोनों नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है। पासपोर्ट अधिनियम 1967 के अनुसार, धोखे से एक से अधिक पासपोर्ट रखना अवैध है और इसके लिए पासपोर्ट रद्द करने के साथ-साथ सख़्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कड़ा पलटवार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से फर्जी और राजनीति से प्रेरित बताया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी पत्नी के विदेशी पासपोर्ट के जो दस्तावेज़ दिखाए गए हैं, वे सोशल मीडिया पर मौजूद एक ‘पाकिस्तानी ग्रुप’ द्वारा मॉर्फ (Photoshop) किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुबई और भारत सरकार दोनों ने पुष्टि की है कि विवादित यूएई दस्तावेज़ पूरी तरह जाली है।
पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज हुई FIR
मुख्यमंत्री सरमा ने मीडिया को बताया कि उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर पवन खेड़ा के खिलाफ आधिकारिक एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि चुनाव को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए जाली दस्तावेजों का उपयोग करने पर आईपीसी (IPC) की धारा 420 और 468 के तहत गंभीर सजा का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।



