CG Tiger Census 2026: छत्तीसगढ़ में अब कितने बाघ? सर्वे पूरा, डेटा कलेक्शन में जुटा वन विभाग

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जंगलों में अब कितने बाघ बचे हैं, इसकी बिल्कुल सटीक जानकारी जल्द ही सामने आने वाली है। ताज़ा CG Tiger Census 2026 (सीजी टाइगर सेंसस 2026) अपडेट के अनुसार, अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 के तहत राज्य में मैदानी सर्वे का काम पूरा हो चुका है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अब वन विभाग के राज्य मुख्यालय में इन सभी आंकड़ों का सख़्त डेटा कलेक्शन और विश्लेषण किया जा रहा है। इस अहम् रिपोर्ट के आने के बाद ही साफ़ होगा कि 2025 के मुक़ाबले बाघों की संख्या में कितनी वृद्धि या कमी आई है।
CG Tiger Census 2026: पिछले साल 35 बाघ होने का था दावा
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले साल यानी 2025 में वन विभाग ने छत्तीसगढ़ में कुल 35 बाघ मौजूद होने का दावा किया था। इन आंकड़ों में अचानकमार टाइगर रिज़र्व में 18, गुरु घासीदास-तमोर पिंगला में 7, इंद्रावती में 6, भोरमदेव वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी में 3 और उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व में 1 बाघ होने की पुष्टि की गई थी। अब ताज़ा सर्वे के बाद वन अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि राज्य में वन्यजीवों की संख्या में सकारात्मक इज़ाफ़ा देखने को मिलेगा।
आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Method) से हुआ सर्वे
यह पूरा सर्वे पूरी तरह से वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित था। मैदानी कर्मचारियों ने हर बीट में पगडंडियों और जलस्रोतों के आसपास जाकर बाघों के पगमार्क, मल (Scat) और पेड़ों पर खरोंच के सख़्त निशानों की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, ट्रांसेक्ट सर्वे के ज़रिए शाकाहारी जीवों के घनत्व का भी सख़्त आकलन किया गया है।
M-STrIPES ऐप से दर्ज़ हुई सटीक जानकारी
सर्वे की पारदर्शिता और सटीकता को यक़ीनी बनाने के लिए इसमें डिजिटल तकनीक का ख़ास इस्तेमाल किया गया है। वन विभाग के अमले ने जंगल से जुड़ी हर बारीक जानकारी को एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES) ऐप के ज़रिए रियल टाइम में दर्ज़ किया है। बाघों को इकोसिस्टम के स्वास्थ्य का सबसे बड़ा संकेतक माना जाता है, इसलिए यह ताज़ा डेटा पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद अहम् साबित होगा।



