Iran War Updates: होर्मुज़ के बाद अब ‘बाब अल-मंदेब’ पर ईरान की नज़र, दुनिया में मच सकता है भारी हाहाकार

अमेरिका और इज़रायल के साथ चल रहे भीषण युद्ध के बीच ईरान अब एक बेहद ख़तरनाक क़दम उठाने जा रहा है। ताज़ा Iran War Updates (ईरान वॉर अपडेट्स) के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में सख़्त तनाव पैदा करने के बाद ईरान की नज़र अब एक और अहम् वैश्विक समुद्री मार्ग ‘बाब अल-मंदेब’ पर टिक गई है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ईरान के इस ताज़ा रुख़ से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पूरी दुनिया में भारी चिंताएं पैदा हो गई हैं।
Iran War Updates: तनाव का नया केंद्र बना ‘बाब अल-मंदेब’
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालिबाफ़ के हालिया बयान ने यह साफ़ संकेत दिया है कि यह रणनीतिक जलमार्ग अब तनाव का अगला और सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। इसके एक ओर यमन स्थित है, जो इसे रणनीतिक रूप से बेहद सख़्त और संवेदनशील बनाता है। यह समुद्री मार्ग यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का एक बेहद प्रमुख और अहम रास्ता है।
कच्चे तेल (Crude Oil) की क़ीमतों में आ सकता है भारी उछाल
आर्थिक जानकारों का साफ़ मानना है कि अगर बाब अल-मंदेब में कोई भी रुकावट आती है, तो इसका सीधा और विनाशकारी असर वैश्विक बाज़ार पर पड़ेगा। इस रास्ते से दुनिया भर में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक का परिवहन होता है। इस जलमार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल के दाम तेज़ी से बढ़ सकते हैं और दुनिया भर में महंगाई का एक सख़्त और नया दौर शुरू हो सकता है।
हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) का ख़तरनाक गठजोड़
यमन के हूती विद्रोही पहले ही इस ख़ास क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों पर हमले की सख़्त धमकी दे चुके हैं। हूतियों को ईरान समर्थित ‘एक्सिस ऑफ़ रेजिस्टेंस’ का अहम् हिस्सा माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज़ के बाद यदि बाब अल-मंदेब भी पूरी तरह से अस्थिर होता है, तो यह अमेरिका-ईरान संघर्ष का नया फ़्लैशपॉइंट बन जाएगा, जिससे शिपिंग कंपनियों के लिए जोख़िम और बीमा लागत में भारी इज़ाफ़ा होगा।



