CJP News: मॉनसून सत्र में सरकार ने खारिज किए कॉकरोच पार्टी के 6 सवाल, ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर पीएम मोदी पर जमकर बरसे सौरव दास

CJP News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास (Sourav Das) ने केंद्र सरकार पर संसद में विपक्ष और युवाओं की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।
हाल ही में संपन्न हुए संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सरकार ने सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों और नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) से जुड़े 6 सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, सौरव दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- संसद में सवाल खारिज: मॉनसून सत्र में सरकार ने CJP आंदोलन और NEET से जुड़े 6 सवालों को किया खारिज।
- नियम 41(2) का हवाला: लोकसभा के नियम 41(2) के तहत इन सवालों को किया गया रद्द।
- सौरव दास का आरोप: CJP प्रवक्ता ने कहा- अगर संसद में चर्चा नहीं होगी, तो सरकार की जवाबदेही कैसे तय होगी?
- पीएम मोदी पर पलटवार: ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर दास ने कहा- सवाल पूछने वाले पढ़े-लिखे युवाओं को आप नक्सली कैसे कह सकते हैं?
मॉनसून सत्र में खारिज हुए ये 6 अहम सवाल
सौरव दास ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए बताया कि लोकसभा सांसद माथेस्वरन वी.एस. ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय से सीजेपी आंदोलन और पेपर लीक से जुड़े 6 अहम मुद्दों पर सवाल पूछे थे।
ये 6 सवाल निम्नलिखित थे:
- NEET-UG 2026 के लिए छात्रों के आवेदन शुल्क (Application Fee) की वापसी।
- सरकार के प्रति जनता के बढ़ते अविश्वास का मुद्दा।
- दिल्ली (जंतर-मंतर) में CJP प्रदर्शनकारियों को पीने के पानी और साफ-सफाई की सुविधा न देना।
- प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ सरकार के संवाद की कमी।
- छात्रों का कल्याण, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
- शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के मौलिक अधिकार (Fundamental Right) का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों के साथ पुलिस का रवैया।
नियम 41(2) का हवाला देकर सवाल किए गए रद्द
सौरव दास के मुताबिक, इन सभी 6 सवालों को लोकसभा के नियम 41(2) के तहत विभिन्न उप-धाराओं का हवाला देते हुए खारिज (Reject) कर दिया गया।
उन्होंने इस फैसले को बेहद अजीब और अनुचित बताते हुए कहा, “किसी सांसद का कार्यपालिका से सवाल पूछने का अधिकार कोई रुकावट नहीं, बल्कि संसदीय लोकतंत्र की आत्मा है। प्रश्नकाल का अस्तित्व ही इसीलिए है ताकि अपार शक्ति रखने वाले मंत्री जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह रहें।”
अमित शाह पर भी साधा निशाना:
सौरव दास ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बर कार्रवाई कर रही थी, तो उस संवेदनशील दौर में उन्होंने संसद में आकर जवाब क्यों नहीं दिया?
पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर भड़के सौरव दास
इससे पहले, 15 अगस्त को लाल किले से पीएम मोदी द्वारा दिए गए भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ (Urban Naxal / Mental Naxal) शब्द के इस्तेमाल पर भी सीजेपी और विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है।
सौरव दास ने पलटवार करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री जी, ‘दिमागी नक्सल’ या ऐसी कोई भी बात अब काम नहीं आएगी। आप पढ़े-लिखे युवाओं को नक्सली वगैरह कैसे कह सकते हैं? सिर्फ इसलिए कि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं? यह सरासर अहंकार है और युवाओं की समस्याओं को हल करने में सरकार की पूरी तरह नाकामी है। बदलाव की घंटी बज चुकी है, अब जागने का समय आ गया है।”






