
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राज्य की सियासत में 1 बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़कर आधिकारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया है। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्या बोस और TMC सांसद कीर्ति आजाद की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
BJP पर साधा निशाना, बताया ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति
BJP छोड़ने के 3 साल बाद चंद्र कुमार बोस ने अपनी पूर्व पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि BJP संविधान के खिलाफ काम कर रही है और अंग्रेजों की तरह ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपना रही है।
उनके बयानों से जुड़ी मुख्य बातें:
- चंद्र कुमार बोस के अनुसार, BJP राजनीति में धर्म को घसीटकर वोट बैंक की राजनीति के लिए समुदायों को बांटने का काम करती है।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके दादा शरत चंद्र बोस और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हमेशा इस तरह की विभाजनकारी नीतियों का पुरजोर विरोध किया था।
- उन्होंने कहा कि वे दोबारा वही गलती नहीं दोहराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने समय लिया और पाया कि TMC समावेशी और धर्मनिरपेक्ष राजनीति का पालन करती है, जो उनकी विचारधारा से मेल खाती है।
सितंबर 2023 में छोड़ी थी BJP
ज्ञात हो कि चंद्र कुमार बोस ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए सितंबर 2023 में BJP से इस्तीफा दे दिया था। उनका मानना है कि संविधान के अनुसार भारत 1 संप्रभु, लोकतांत्रिक, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य है, लेकिन BJP व्यवहार में इसके समावेशी ताने-बाने का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसे संगठन के साथ काम नहीं कर सकता जो राजनीतिक गतिविधियों में धर्म का इस्तेमाल करता हो।
TMC की जीत का जताया भरोसा
चंद्र कुमार बोस ने आगामी चुनाव में TMC की जीत के प्रति पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में राज्य चुनाव हो रहे हैं और ममता बनर्जी निश्चित रूप से विजयी होंगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, और इसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले चंद्र बोस जैसे चेहरे का TMC में शामिल होना सत्ताधारी दल को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करेगा।



