
Raipur. रायपुर। रायपुर में आईटीएमएस (Integrated Traffic Management System) के तहत लगाए जाने वाले संचार केबल की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो केबल चोर और दो क्रेता सहित कुल चार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की केबल से निकाला गया लगभग 5.5 किलोग्राम तांबा बरामद किया गया है। प्रार्थी ध्रुतिमान सामल ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में आईटीएमएस के लिए लगाए जा रहे
संचार केबल को किसी अज्ञात व्यक्ति ने धमतरी गेट और कालीबाड़ी चौक के पास से चोरी कर लिया। रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 26/26 और 27/26 के तहत धारा 303(2) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आरोपी की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना कोतवाली पुलिस की
संयुक्त टीम ने प्रार्थी से पूछताछ की, घटना स्थलों का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया। तकनीकी और तरीका वारदात के आधार पर टीम ने सरोज यादव और नरसिंह बरिहा को तेलीबांधा निवासी आरोपी के रूप में पहचान कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चोरी की केबल से तांबा निकालकर बिरंची नाग और अजय देवांगन को बेचा। तत्पश्चात दोनों क्रेताओं को भी गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का तांबा बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
सरोज यादव, पिता महेश यादव, उम्र 42 वर्ष, तेलीबांधा रायपुर।
नरसिंह बरिहा, पिता पुनीत राम बरिहा, उम्र 33 वर्ष, तेलीबांधा रायपुर।
बिरंची नाग, पिता मुख्या नाग, उम्र 60 वर्ष, सुभाष नगर, पिथालिया कॉम्प्लेक्स।
अजय देवांगन, पिता स्व. प्रेमचंद देवांगन, उम्र 55 वर्ष, गोल चौक, शीतला मंदिर।
कानूनी कार्रवाई
चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5) और 317(2) BNS के तहत कार्यवाही की गई। सरोज यादव और नरसिंह बरिहा को चोरी का केबल चुराने के लिए और बिरंची नाग व अजय देवांगन को चोरी का तांबा खरीदने के अपराध में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई से न केवल स्मार्ट सिटी परियोजना की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि शहर में साइबर और एंटी क्राइम निगरानी की प्रभावशीलता भी बढ़ती है।

