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प्रज्ञा निर्वाणी ने गिधवा परसदा को रामसर साइट घोषित करने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखा पत्र

बेमेतरा जिले के एकमात्र वेटलैंड(आद्र भूमि) गिधवा परसदा विदेशी पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में अहम पहल करते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर गिधवा परसदा को रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत शामिल करने की मांग की है।

प्रज्ञा निर्वाणी ने पत्र में कहा है कि प्रदेश में फिलहाल केवल कोपरा जलाशय को ही रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है, जबकि गिधवा परसदा जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों और पारिस्थितिक संतुलन की दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूर्णतः खरा उतरता है।

प्रज्ञा निर्वाणी के अनुसार गिधवा परसदा जिले की इकोलॉजिकल लाइफलाइन है,
रामसर साइट घोषित होने से इसे वैश्विक संरक्षण मिलेगा और पर्यावरण व पर्यटन दोनों को मजबूती मिलेगी,महिला शक्ति इस पहल की अगुवाई करेगी।”

रामसर दर्जे से क्या बदलेगा

रामसर पैक्ट एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसकी शुरुआत 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुई,इसका उद्देश्य झील, तालाब, दलदल और पक्षी विहार जैसी आद्र भूमियों (वेटलैंड्स) का संरक्षण करना है
रामसर सूची में शामिल होने से गिधवा परसदा को वैश्विक वेटलैंड नेटवर्क का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा,इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों, शोधकर्ताओं और पर्यावरण संस्थाओं की सक्रियता बढ़ेगी,साथ ही यह क्षेत्र जिले का प्रमुख इको-टूरिज्म हब बन सकता है।

वेटलैंड वे क्षेत्र होते हैं जहां सतही या भूमिगत जल की निरंतर उपस्थिति रहती है,ये क्षेत्र बाढ़ नियंत्रण, भूजल रिचार्ज, जल शुद्धिकरण और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वेटलैंड के प्रमुख लाभ
भूजल स्तर बनाए रखने में सहायक ,जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करता है,प्रवासी पक्षियों का प्राकृतिक आवास सी स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण ,इको-टूरिज्म और रोजगार के अवसर

वुमन फ़ॉर वैटलैंड : महिला नेतृत्व में अभियान

प्रज्ञा निर्वाणी ने बताया कि वेटलैंड संरक्षण और जन-जागरूकता के उद्देश्य से वुमन फ़ॉर वेटलैंड अभियान जिले शुरू किया जा रहा है,इसके तहत जिले की ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आद्र भूमि संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा
उन्होंने कोपरा जलाशय संरक्षण में कार्यरत संस्थान परिमल प्रयास के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि आद्र भूमि संरक्षण के क्षेत्र में परिमल प्रयास के अनुभवों को जिले में लागू किया जाएगा,इसके लिए मंडल स्तर पर सेमिनार आयोजित कर महिलाओं और युवतियों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

गिधवा परसदा को रामसर दर्जा मिलने से जिले में पर्यावरण संरक्षण के साथ इको-टूरिज्म को नई गति मिलेगी..

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