केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीनियर अधिकारियों के साथ की अहम बैठक

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यूनियन MoS VSOMANNA_BJP और MoS Ravneet Bittu के साथ सीनियर रेलवे अधिकारियों की बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में इस साल भारतीय रेलवे में बड़े पैमाने पर सुधार लागू करने के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता, यात्रियों की सुरक्षा और सेवा दक्षता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि “52 हफ़्तों में 52 सुधार” कार्यक्रम के तहत हर हफ्ते रेलवे संचालन, यात्री सुविधा और सेवाओं के क्षेत्र में एक नया सुधार लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य रेलवे संचालन में सिस्टमैटिक सुधार लाना और रेलवे को आधुनिक, डिजिटल और यात्रियों के अनुकूल बनाना है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया कि पूरे नेटवर्क में सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसमें ट्रेन ऑपरेशन, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और यात्रियों के सुरक्षा उपकरणों में सुधार शामिल है। बैठक में यह भी तय किया गया कि एआई (AI) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यात्रियों को बेहतर सेवा दी जाएगी। इससे ट्रेन संचालन में समय की पाबंदी, टिकटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्लेटफॉर्म पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। रेलवे की कार्यबल क्षमता बढ़ाने के लिए अधिकारियों ने टैलेंट मैनेजमेंट और ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया। कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनके कौशल में सुधार हो और वे नई तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए फूड और केटरिंग सेवाओं में सुधार पर भी चर्चा हुई। रेलवे ने तय किया कि स्टेशनों और ट्रेन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, पैकेजिंग और उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए वॉशरूम, सफाई, पानी और प्लेटफॉर्म सुविधाओं में सुधार की योजना बनाई जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में कहा कि “भारतीय रेलवे सिर्फ ट्रेनों को चलाने का साधन नहीं है, बल्कि यह देश की आधुनिकता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक भी है। हमारी कोशिश है कि रेलवे सेवाओं में प्रत्येक क्षेत्र में सुधार किया जाए ताकि यात्री पूरी तरह संतुष्ट हों।”
यूनियन MoS VSOMANNA_BJP और MoS Ravneet Bittu ने भी इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि कर्मचारियों और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुधारों को लागू किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से तकनीकी नवाचार और ट्रेनिंग कार्यक्रमों पर जोर दिया। रेलवे अधिकारियों ने बैठक में यह सुनिश्चित किया कि इन सुधारों का असर पूरे देश में महसूस किया जाएगा। हर क्षेत्र में सुधार लागू होने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे संचालन में भी गति, सुरक्षा और दक्षता में बढ़ोतरी होगी। इस प्रकार, भारतीय रेलवे ने 52 हफ़्तों में 52 सुधार योजना के तहत आने वाले वर्ष में तकनीकी, सुरक्षा और सेवा सुधारों की एक श्रृंखला की शुरुआत कर दी है, जिसका उद्देश्य आधुनिक, सुरक्षित और यात्रियों के अनुकूल रेलवे बनाना है। मुख्य सुधार क्षेत्र: सेवा डिलीवरी, सुरक्षा, AI और एडवांस्ड टेक, कर्मचारी ट्रेनिंग, फूड और केटरिंग सुधार, यात्री अनुभव, प्लेटफॉर्म सुविधा, संचालन दक्षता।


