CAG Report Chhattisgarh: PM खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताएं, विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट

रायपुर/जनदखल। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG Report Chhattisgarh) ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के क्रियान्वयन में कई अनियमितताएं उजागर की हैं। यह रिपोर्ट विधानसभा के चालू मानसून सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखी गई है। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनी इस योजना के अमल पर उठे सवालों से सत्र के आखिरी दिनों में सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
कौन सी रिपोर्ट पेश हुई
सदन के पटल पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का जिला खनिज संस्थान न्यास सहित प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के कार्यान्वयन पर प्रतिवेदन, छत्तीसगढ़ शासन, वर्ष 2026 का प्रतिवेदन संख्या 05 (निष्पादन लेखापरीक्षा-सिविल) रखा गया। इसके साथ जल जीवन मिशन, मनरेगा और राज्य वित्त पर भी CAG के अलग-अलग प्रतिवेदन सदन में पेश किए गए।
क्या है PM खनिज क्षेत्र कल्याण योजना
केंद्रीय खान मंत्रालय द्वारा 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत DMF फंड का 60 प्रतिशत हिस्सा पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के कल्याण जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च किया जाना है। शेष 40 प्रतिशत राशि भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा और जलसंभर विकास जैसे क्षेत्रों के लिए है।
छत्तीसगढ़ में कितना बड़ा है DMF फंड
राज्य के सभी 33 जिलों में जिला खनिज संस्थान न्यास गठित हैं, जिन्हें खनिपट्टों से प्राप्त रॉयल्टी का 10 से 30 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार सितंबर 2024 तक DMF में 13,985 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी थी और योजना के तहत 14,436 करोड़ रुपये के 93 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें 10,465 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे। इतनी बड़ी राशि से जुड़ी योजना पर CAG की टिप्पणियां इसलिए अहम मानी जा रही हैं।
आगे क्या होगा
विधानसभा में पेश CAG प्रतिवेदन नियमानुसार लोक लेखा समिति की जांच प्रक्रिया से गुजरते हैं। रिपोर्ट में दर्ज बिंदुओं पर संबंधित विभागों को जवाब देना होगा। रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक होने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि अनियमितताएं किन जिलों और किन मदों से जुड़ी हैं।
खनन से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले गांवों के हक की राशि कैसे खर्च हुई, CAG की यह रिपोर्ट उसी सवाल को केंद्र में लाती है। रिपोर्ट के विस्तृत बिंदुओं और सरकार के जवाब पर आने वाले दिनों में नजर रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: CAG की यह रिपोर्ट किस विषय पर है?
उत्तर: यह जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) सहित प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के कार्यान्वयन पर निष्पादन लेखापरीक्षा रिपोर्ट है, जो छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान पेश की गई।
प्रश्न 2: PM खनिज क्षेत्र कल्याण योजना का पैसा कहां खर्च होना चाहिए?
उत्तर: नियमों के अनुसार DMF फंड का 60 प्रतिशत पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और कौशल विकास जैसे उच्च प्राथमिकता क्षेत्रों में तथा 40 प्रतिशत अधोसंरचना, सिंचाई और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में खर्च होना चाहिए।
प्रश्न 3: छत्तीसगढ़ के DMF फंड में कितनी राशि आ चुकी है?
उत्तर: राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार सितंबर 2024 तक DMF में 13,985 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके थे, जिनमें से 10,465 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे।






