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सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 9 प्रेसर कुकर IED बम और नक्सली सामग्री को किया जब्त


Kanker. कांकेर। कांकेर–नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुल 9 प्रेसर कुकर IED, फटाका बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है। सभी बरामद IED को सुरक्षाबलों ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 जनवरी को ग्राम मोदेमरका के कोटरी नदी किनारे सर्चिंग अभियान के दौरान तीन प्रेसर कुकर IED बरामद किए गए। वहीं गुरुवार को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के कलपर गांव के जंगल में चलाए गए अभियान के दौरान छह और प्रेसर कुकर IED, फटाका, इलेक्ट्रिक वायर और अन्य नक्सली सामग्री जब्त की गई। प्रत्येक IED का वजन लगभग 5-5 किलो था।

सुरक्षाबलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी नक्सली साजिश को नाकाम कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री का उपयोग बड़े विस्फोटक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाना था, लेकिन लगातार सर्चिंग अभियान और क्षेत्र में सतत निगरानी ने नक्सलियों की योजना विफल कर दी। डीआरजी और बीएसएफ टीमों के जवानों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं, और उनकी पकड़ में आने वाली ऐसी सामग्री उन्हें भारी नुकसान पहुंचा सकती थी। उन्होंने कहा कि बरामद IED और अन्य सामग्री से पता चलता है कि नक्सली बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की योजना बना रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा। सर्चिंग अभियान के दौरान स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं। इस कार्रवाई से न केवल नक्सली हिंसा की योजना विफल हुई है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। प्रेसर कुकर IED और अन्य विस्फोटक सामग्री न केवल जान-माल के लिए खतरा होती है, बल्कि इसके फटने से बड़े पैमाने पर नुकसान और आतंक फैल सकता है। इसलिए सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण साबित होती है।

कांकेर और नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षाबलों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सर्चिंग अभियान में स्थानीय जानकारियों और गुप्त सूचना नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि नक्सलियों के नए ठिकानों और आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके। इस सफलता से नक्सलियों के मनोबल में कमी आई है और यह संदेश गया है कि सुरक्षाबल किसी भी खतरे को गंभीरता से लेते हैं और उनकी किसी भी साजिश को विफल करने में सक्षम हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षाबलों को दें। इस अभियान की सफलता न केवल कांकेर–नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार की नक्सल विरोधी नीति को भी मजबूती प्रदान करती है।

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