Bilaspur Black Magic Case: चीफ जस्टिस की फोटो पर श्मशान में तंत्र-मंत्र, 4 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर: विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी समाज में अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, (Bilaspur Black Magic Case) इसका एक हैरान करने वाला उदाहरण बिलासपुर से सामने आया है। यहां कुछ आरोपियों ने अदालत से जमानत न मिलने पर न्याय व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए एक बेहद अजीबोगरीब और गैर-कानूनी तरीका अपनाया। आरोपियों ने देवरी गांव के श्मशान घाट में सीधे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) की फोटो रखकर तंत्र-मंत्र करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की सूचना पर तोरवा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आधी रात को श्मशान घाट में संदिग्ध पूजा
पुलिस के मुताबिक, यह घटना बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र की है। Bilaspur Black Magic Case देवरी गांव के श्मशान घाट पर आधी रात के समय कुछ लोग तांत्रिक क्रियाएं कर रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों को श्मशान में अचानक आग और संदिग्ध रोशनी दिखाई दी। इस पर ग्रामीणों ने तुरंत तोरवा थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पर छापेमारी की। श्मशान घाट का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। वहां पूजा सामग्री, सिंदूर, नींबू और कई लोगों की तस्वीरें रखी हुई थीं। इन तस्वीरों में सबसे चौंकाने वाली तस्वीर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की थी। पुलिस ने मौके से एक आरोपी ऋषिकेश कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर तीन अन्य आरोपी वहां से भाग निकले।
ज़रूरी बात…Bilaspur Black Magic Case
- बिलासपुर के देवरी गांव के श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र करते हुए 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
- आरोपियों ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) की फोटो रखकर तांत्रिक क्रियाएं कीं।
- पुलिस ने मौके से सिंदूर, नींबू, तस्वीरें और अन्य पूजा सामग्री बरामद की है।
- आरोपियों में से एक का भाई जेल में है, जिसकी जमानत बार-बार खारिज हो रही थी।
- सभी 4 आरोपियों पर गाली-गलौज, धमकी और ‘छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम’ के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
जमानत नहीं मिली तो अपनाया अंधविश्वास का रास्ता
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तीन आरोपियों,ओम बोले, तरुण बजाज और मोहम्मद इसरार, को पुलिस ने बाद में उनके ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह व्यवस्था की समझ पर सवाल खड़े करता है।
आरोपियों ने बताया कि उनके गुट के एक आरोपी का भाई लंबे समय से केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंद है। अदालत में उसकी जमानत याचिका लगाई गई थी, लेकिन वह बार-बार खारिज हो रही थी। कानूनी रूप से राहत न मिलने पर वे हताश और गुस्से में थे। Bilaspur Black Magic Case इसी हताशा में उन्होंने तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। उनका मकसद श्मशान में तांत्रिक क्रियाएं करके पीड़ित परिवार और न्याय व्यवस्था पर बैठे अधिकारियों को डराना और उन पर मानसिक दबाव बनाना था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और टोनही प्रताड़ना एक्ट
पुलिस प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। Bilaspur Black Magic Case आरोपियों के खिलाफ केवल गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला ही दर्ज नहीं हुआ है, बल्कि उन पर ‘छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम’ (Chhattisgarh Anti-Tonhi Pratadna Act) की सख्त धाराएं भी लगाई गई हैं।
चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, Bilaspur Black Magic Case जहां से उन्हें सीधे केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अंधविश्वास के नाम पर न्याय व्यवस्था को डराने या समाज में भय फैलाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एहतियात के तौर पर रात के समय श्मशान घाटों और सुनसान इलाकों में पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है।






