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अब झीरम कांड के 8 अतिरिक्त बिंदुओं पर होगी जांच, और जानकारियां जुटाई जायेंगी

रायपुर/जनदखल. जस्टिस प्रशांत मिश्रा का एकल सदस्यीय आयोग अब झीरम कांड के 8 अतिरिक्त बिंदुओं पर जांच करेगा। आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2019 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आयोग ने शनिवार को सुनवाई करते हुए नए बिंदुओं वाली अधिसूचना का प्रकाशन 15 दिन में कराने के निर्देश दिए हैं। प्रकाशन के 15 दिन के भीतर कोई भी इससे जुड़ी जानकारी या सूचना शपथ पत्र के साथ आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इसी अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और राज्य सरकार की तरफ से भी पक्ष रखा जा सकेगा। बस्तर की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला किया था।

इस दौरान पीसीसी के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, दंतेवाड़ा के तत्कालीन विधायक महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 31 जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों व सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। राज्य सरकार ने 28 मई 2013 को जांच आयोग अधिनियम के प्रावधानों के तहत हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था।

आयोग को तीन माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं होने पर विभिन्न तारीखों में आयोग के कार्यकाल में 10 बार वृद्धि की जा चुकी है। अब 11वीं बार 27 फरवरी 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक की वृद्धि की गई है। वहीं, राज्य सरकार ने यह कहते हुए कि पूर्व में सौंपे गए जांच बिंदुओं के तहत घटना के सभी पहलुओं के तथ्य और पृष्ठभूमि स्पष्ट नहीं हो रहे हैं, जांच के लिए अतिरिक्त 8 बिंदुओं को शामिल किया है। अधिसूचना के अनुसार इसका उद्देश्य घटनाक्रम स्पष्ट रूप से स्थापित हो सके और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान स्थापित करना है। 21 जनवरी 2019 को इसकी अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है। आयोग को 31 दिसंबर 2019 तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

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