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केन्द्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने कहा- आदिवासी वर्ग पर अत्याचार नहीं होने दूंगी

रायपुर/जनदखल. केन्द्रीय जनजाति कल्याण राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने कहा- मुझे जनजाति वर्ग के कल्याण व उनके हितों की रक्षा के लिए ही मोदी ने जनजाति कल्याण मंत्री बनाया है। मैं आदिवासी वर्ग पर अत्याचार नहीं होने दूंगी मेरे संसदीय क्षेत्र की घटना है इसलिए मुझे इंसाफ चाहिए। उक्ताशय के विचार आज केन्द्रीय जनजाति कल्याण राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने पिछले दिनों सायबर सेल पुलिस अभिरक्षा में मृत आदिवासी युवक पंकज बेक के पीडित परिवार से भेंट के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।

उन्होने पीडित परिवार के सदस्यों को ढाढस बंधाया तथा पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्यो से मुलाकात कर विस्तार से उनकी बातें सुनी साथ ही अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए पुलिस की बर्बरता पूर्ण कार्यवाही की कडी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ही यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। पूरे मामले में पुलिस विभाग अपनी गलती छिपाने के लिए लीपा-पोती में लग गई है, पुलिस की पूरी कार्यवाही संदेह के घेरे में है। मृतक के अंतिम संस्कार में उसके गांव को पुलिस द्वारा सैकडो़ं जवान तैनात कर छावनी बना दिया जाना जैसे किसी आतंकवादी की अंतिम यात्रा हो और मृतक की लाश को जलाने के लिए पुलिस का परिजनो पर दबाव देना संदेह पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि मृतक की पत्नी को थाने में दिन भर बैठा कर रखना तथा उसके पति को जेल भेज दिया गया है कह कर उसे गुमराह करना पुलिस की साजिश है। पुलिस के सायबर सेल में बाहरी व्यक्तियों का आकर मृतक को धमकाना व मारपीट करना पुलिस की अपराधियों के साथ सांठ-गांठ प्रदर्शित करता है। ऐसे में स्थानीय पुलिस की जांच व कार्यवाही पर भरोसा नही किया जा सकता। इस दौरान मृतक पंकज बेक की पत्नी ने राष्ट्रीय अनुसुचित जनजाति आयोग अध्यक्ष के नाम घटना की सीबीआई जांच की मांग को लेकर एक पत्र केन्द्रीय मंत्री रेणुका सिंह को दिया। इस पर रेणुका सिंह ने पीडित परिवार को सीबीआई जांच का भरोसा दिलाया तथा स्वयं भी इस हेतु पहल करने की बात कही।

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