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प्रदेश के सभी निकायों में संपत्ति और जल कर की अब ऑनलाइन वसूली, नई व्यवस्था जल्द ही

रायपुर/जनदखल. नगर निगम के चक्कर लगाने से आजादी दिलाने की दिशा में सरकार अपने कदम बढ़ा रही है. प्रदेश के सभी निकायों में संपत्ति और जल कर की अब ऑनलाइन वसूली होगी। मैन्यूअल बिल जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी चल रही है। बिजली बिल की तरह ही एसएमएस के जरिए बिल की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल, सभी निकायों में शिविर लगाकर संपत्ति कर और जल कर की वसूली की जाती है।

पीओएस मशीन की मदद से संपत्ति कर ऑनलाइन जमा होगा। इसके लिए डोर टू डोर कलेक्शन का भी विकल्प रखा गया है। डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान की सुविधा होगी। फिलहाल नगरीय प्रशासन विभाग प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में संपत्ति करधारकों और नल कनेक्शन की जानकारी एकत्र कर रहा है। विभागीय अफसरों का कहना है कि फिलहाल पोर्टल में पेमेंट गेट वे इंटीग्रेशन का काम चल रहा है। इंटीग्रेशन के बाद कर की वसूली निकायों में चरणबद्ध तरीके से मैन्यूअल मोड से प्रतिबंधित कर पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से अनिवार्य कर दी जाएगी।

नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि बिजली बिल की तरह एसएमएस भेजकर संपत्ति कर और पानी के बिल की जानकारी दी जाएगी। बिल को ऑनलाइन जमा करने के साथ ही निगम के काउंटर पर भी जमा किया जा सकेगा, लेकिन पीओएस मशीन से ही भुगतान होगा। डोर टू डोर कलेक्शन का भी विकल्प होगा। इस पर काम चल रहा है, जल्द ही प्रदेश में यह सिस्टम लागू हो जाएगा।

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