State

अवैध वसूली रोकने शासन हुआ सख्त, ट्रैफिक का चालान ई-भुगतान से

रायपुर/जनदखल. वाहनों की जांच में चालकों से बदतमीजी और अवैध वसूली को रोकने डीएसपी रैंक के अफसर द्वारा चालानी कार्यवाही करने के फरमान के बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और इंस्पेक्टर, डीएसपी और उससे बड़े अफसरों को वाहन, जांच की जिम्मेदारी दी। यही नहीं, चालान की राशि का अब ई-भुगतान के माध्यम से ही जमा होगी।

डीजीपी डीएम अवस्थी ने दो टूक कहा, जांच के दौरान वाहन चालकों से बदतमीजी और अवैध वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरअसल, वाहन जांच के दौरान लगातार अवैध वसूली और बदमतीजी की शिकायत मिल रही थी इससे निजात पाने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से गुहार लगाई गई थी, जिस पर उन्होंने मंगलवार को फरमान जारी किया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्र में वाहनों की जांच करने अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी।

जानकारी के मुताबिक सिर्फ रायपुर में 140 पाइंट है, जहां ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन जांच होती है। ट्रैफिक पुलिस में सिर्फ 3 डीएसपी हैं। ऐसी दशा में सभी पाइंटों पर जांच करना बेहद मुश्किल है। यह हाल राज्यभर के जिलों का है, जहां डीएसपी स्तर के अफसरों की कमी है। यही वजह है, इंस्पेक्टर रैंक को वाहन जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम की सीमा के बाहर डीएसपी और उससे बड़े रैंक केअफसरों की मौजूदगी में जांच की जाएगी। वाहनों के चालान की राशि ई-भुगतान के जरिए जमा होगी।

Leave a Comment