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अनियमितता के कारण केंद्रीय सहकारी बैंक का संचालक मंडल भंग करने नोटिस

रायपुर/जनदखल. आर्थिक अनिमितताओं पर भूपेश सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। राजनांदगांव सहकारी बैंक को भंग करने के नोटिस के बाद अब दुर्ग जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को भी इसी तरह नोटिस व आरोपपत्र जारी कर दिए गए हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार राज्य में पूर्ववत भाजपा सरकार के कार्यकाल में सहकारी बैंकों में कई प्रकार की गड़बड़ियों के मामले सामने आए थे, इन मामलों में कभी कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन अब मामले सामने आ रहे हैं।

पंजीयक सहकारी संस्थाएं के रजिस्ट्रार धनंजय देवांगन ने दुर्ग जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को अलग अलग नोटिस जारी किए हैं। एक नोटिस में कहा गया है कि बैंक को जारी किए गए आरोप पत्र में उल्लेखित तथ्य एवं अभिलेखों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह समाधान हो गया है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के संचालक मंडल, बोर्ड छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत ऐसे कार्य करता रहा है जो बैंक तथा बैंक के सदस्यों के हितों के प्रतिकूल है।

बैंक बोर्ड के सदस्यों को उनका पक्ष प्रस्तुत करने के लिए 30 जुलाई का समय दिया गया है ताकि वे रजिस्ट्रार के समक्ष उपस्थिति होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। इसी प्रकार बैंक के बोर्ड को निलंबित करने के लिए भी नोटिस दी गई है। इस संबंध में जवाब प्रस्तुत करने के लिए 1 अगस्त की तारीख तय की गई है। कई बैंकों में भाजपा शासनकाल के समय से पदाधिकारी जमे हुए हैं। इनके खिलाफ कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई थी। अब सरकार बदलने के बाद एक-एक बैंक पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनांदगांव के बाद अभी दुर्ग बैंक पर सख्ती की जा रही है।

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