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इंग्लैंड ने साबित कर दिया है कि उसके लिए कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं

नई दिल्ली/जनदखल. जब पिछला विश्व कप खेला गया था तब इंग्लैंड का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। वह सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच सकी थी। अब चार साल बाद विश्व कप इंग्लैंड एंड वेल्स में आया है और मेजबान देश को जीत का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। यह कहानी ऐसे ही नहीं बदली। 2015 विश्व कप की इंग्लैंड टीम में और इस टीम में जमीन आसमान का अंतर है। यह टीम वो है जिसने साबित किया है कि उसके लिए कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं है।

हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड ने 350 के स्कोर को बेहद आसान बना दिया। बीते दो साल में अगर इंग्लैंड की क्रिकेट को देखा जाए तो उसके लिए 350 के पार का स्कोर बनाना मुश्किल नहीं रहा है। इसी इंग्लैंड ने 19 जून 2018 को नॉटिंघम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट का सर्वाधिक स्कोर खड़ा किया था। यह स्कोर था छह विकेट के नुकसान पर 481 रन। यह इंग्लैंड की खासियत है कि वह रनों का पहाड़ खड़ा भी कर सकती है तो उसे हासिल करने का दम भी रखती है।

उसकी बल्लेबाजी में इतनी गहाई, ताकत है और इसी कारण इंग्लैंड इस विश्व कप में जीत की सबसे बड़ी दावेदार है। उसके पास ऐसे बल्लेबाज हैं जो ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने का दम रखते हैं लेकिन साथ ही विकेट पर खड़े होने का कबिलियत भी इन बल्लेबाजों में है। दोनों योग्यताओं का एक साथ होना, इसके बल्लेबाजी क्रम को विश्व कप का सबसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम बनाता है। बल्लेबाजी में टीम के पास जॉनी बेयरस्टो, कप्तान इयोन मोर्गन, जोस बटलर, जोए रूट, जेसन रॉय जैसे बल्लेबाज हैं। इन सभी के प्रदर्शन से दुनिया के गेंदबाज वाकिफ हैं।

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