Raipur BJP Congress protest: रायपुर में कांग्रेस भवन घेराव के दौरान पथराव, 16 पुलिस जवान घायल

रायपुर। नीट पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार को राजधानी रायपुर में राजनीतिक टकराव सड़क तक पहुंच गया। (Raipur BJP Congress protest) भारतीय जनता पार्टी की ओर से निकाली गई कांग्रेस भवन घेराव रैली के दौरान पथराव और बोतलबाजी की स्थिति बनी, जिसमें ड्यूटी पर तैनात 16 पुलिस जवान घायल हो गए। पुलिस ने वाटर कैनन और अश्रु गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित किया। घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर के पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला रामकृष्णा केयर अस्पताल पहुंचे और भर्ती जवानों का हालचाल लिया।
क्या है पूरा मामला, Raipur BJP Congress protest
भाजपा ने नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर कांग्रेस भवन के घेराव का कार्यक्रम रखा था। रैली को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी थी। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान कांग्रेस भवन की ओर से कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के पीछे से चढ़कर नारेबाजी करने लगे और पत्थर तथा बोतलें फेंकी गईं, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई। कांग्रेस इस विवरण से सहमत नहीं है और उसने उलटा भाजपा पर हमले का आरोप लगाया है।
किन जवानों को आईं गंभीर चोटें
घटना में कुल 16 जवान घायल हुए। इनमें एक महिला आरक्षक सहित दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेडिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशिक्षु उप निरीक्षक देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई, जिनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। बाकी घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
कमिश्नर ने अस्पताल में लिया जायजा
पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती जवानों से मुलाकात की और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य तथा उपचार की जानकारी ली। उन्होंने सभी घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, एसीपी नीलेश द्विवेदी और टीआई राजेश मरई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस का पलटवार
दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी रायपुर में भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर का घेराव किया। पीसीसी संचार प्रमुख सुशील आनंद ने कहा कि भाजपा ने अचानक कांग्रेस कार्यालय के घेराव का फैसला लिया, जबकि पुलिस का काम प्रदर्शनकारियों को रोकना था। उनका आरोप है कि प्रदर्शन में सरकार के कैबिनेट मंत्री भी शामिल हुए और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पानी के पाउच, चप्पल और पत्थर फेंके, जबकि कांग्रेस गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रही थी। कांग्रेस ने यह भी कहा कि अश्रु गैस के गोले उसकी तरफ छोड़े गए और प्रदर्शन में शामिल मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग राज्यपाल से की गई है।
दोनों पक्षों के दावे अलग
इस घटना पर दोनों दलों का विवरण एक दूसरे से अलग है। पुलिस के आधिकारिक विवरण में पथराव कांग्रेस भवन की ओर से बताया गया है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है। अब तक किसी पक्ष की ओर से नामजद प्राथमिकी दर्ज किए जाने या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
आगे क्या
पुलिस प्रशासन ने अभी तक आगे की कार्रवाई को लेकर औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। नीट पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन जारी हैं और छत्तीसगढ़ में भी दोनों दलों की ओर से कार्यक्रम चल रहे हैं, ऐसे में राजधानी में आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त रहने की संभावना बनी हुई है।
एक नजर में
- मुख्य बिंदु: भाजपा के कांग्रेस भवन घेराव के दौरान पथराव, 16 पुलिस जवान घायल
- तारीख: 23 जुलाई 2026, गुरुवार
- स्थान: कांग्रेस भवन, रायपुर
- संबंधित संस्था: रायपुर पुलिस कमिश्नरेट, भाजपा, कांग्रेस
- प्रमुख आंकड़ा: 16 घायल, इनमें 1 महिला आरक्षक सहित 2 को गंभीर चोट
- अस्पताल: रामकृष्णा केयर अस्पताल, रायपुर
- अगला कदम: पुलिस की ओर से औपचारिक कार्रवाई की घोषणा अभी नहीं






