Pakistan Fuel Crisis: पाकिस्तान में मचा हाहाकार, पेट्रोल 458 और डीज़ल 520 रुपये के पार

पश्चिम एशिया में इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे भयंकर युद्ध का सीधा और विनाशकारी असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था पर साफ़ दिखने लगा है। ताज़ा Pakistan Fuel Crisis (पाकिस्तान फ़्यूल क्राइसिस) अपडेट के अनुसार, वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में भारी उछाल के बाद पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व वृद्धि कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस सख़्त और बड़े फ़ैसले के बाद पाकिस्तान की सड़कों पर हाहाकार मच गया है, क्योंकि वहां पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें आम जनता की पहुंच से बिल्कुल बाहर हो गई हैं।
Pakistan Fuel Crisis: पेट्रोल 458 और डीज़ल (Diesel) 520 रुपये के पार
नई दरों के लागू होने के बाद पाकिस्तान में ईंधन की क़ीमतें एक भयानक सपने जैसी हो गई हैं। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल में 137.23 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद पेट्रोल की नई क़ीमत 458.41 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है (क़रीब 43 प्रतिशत का भारी उछाल)। वहीं, हाई-स्पीड डीज़ल की क़ीमत में 184.49 रुपये का रिकॉर्ड उछाल आया है, जिससे यह 520.35 रुपये प्रति लीटर हो गया है (55 प्रतिशत की वृद्धि)। इसके अलावा केरोसिन (मिट्टी तेल) में भी 34.08 रुपये प्रति लीटर का इज़ाफ़ा किया गया है।
सरकार का सख़्त फ़ैसला (Decision) और बढ़ी हुई लेवी
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने टीवी पर दिए एक बयान में इसे सरकार का एक मजबूरी भरा फ़ैसला बताया है। ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री, सैन्य नेतृत्व और प्रांतीय मुख्यमंत्रियों के साथ लंबी चर्चा के बाद देश में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए यह सख़्त क़दम उठाया गया है। इसके तहत सरकार ने पेट्रोल पर लेवी बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जबकि डीज़ल पर इसे शून्य रखा गया है।
ऊर्जा संकट: बाज़ार (Markets) जल्दी बंद करने के निर्देश
ईंधन की आसमान छूती क़ीमतों के साथ-साथ पाकिस्तान इन दिनों गहरे ऊर्जा संकट से भी जूझ रहा है। ज़मीनी हालात को देखते हुए सरकार ने तक़रीबन 1,200 मेगावाट बिजली बचाने के लिए देशभर के बाज़ारों को जल्दी बंद करने का साफ़ निर्देश दिया है।


