
व्यक्तिगत निर्णयों का टकराव
Pratapgarh. प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ में एक अनोखी और विवादित घटना सामने आई है, जिसमें शादी के 10 साल बाद पति आशीष तिवारी ने अपनी पत्नी पिंकी की शादी उसके प्रेमी अमित शर्मा से करवा दी। यह शादी पति, दोनों बच्चों और पूरे गांव की मौजूदगी में एक गांव के मंदिर में संपन्न हुई। शादी के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली, जबकि महिला ने समारोह के बाद अपने प्रेमी के पैर भी छुए। बताया गया है कि शादी के समय बच्चों को अपने साथ ले जाने के लिए महिला ने कहा, लेकिन दोनों बच्चों ने मना कर दिया। बच्चों ने स्पष्ट रूप से कहा, “तुमने हमारे पापा को छोड़ दिया, हम भी तुम्हारे साथ नहीं रहेंगे। हमें भूल जाओ।” इस घटना ने पूरे गांव में चर्चा का विषय बना दिया।
घटना के पीछे का कारण बताते हुए पति आशीष तिवारी ने कहा कि कई बार पत्नी को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं मानी। पति और परिवार ने उसे मनाने का प्रयास किया। यहां तक कि प्रेमी अमित शर्मा के पिता ने भी बेटी को समझाने की कोशिश की और कहा कि उनका बेटा नशे का आदी है और कोई स्थायी काम नहीं करता, इस वजह से वह खर्चा कैसे उठाएगा। इसके बावजूद महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और पति ने पंचायत की सहमति लेकर उसकी शादी उसके प्रेमी से करवा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना जिले में अद्वितीय है और सामाजिक रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। विवाह समारोह में पति की सहमति और पंचायत की मंजूरी को देखकर गांव में कई लोग हैरान रह गए। इस विवाह के बाद पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ नया जीवन शुरू किया, जबकि पति और बच्चे अपने जीवन में लौट गए।
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प्रतापगढ़ प्रशासन और स्थानीय समाजिक संगठनों ने इस घटना पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन यह मामला परिवारिक और सामाजिक नियमों की सीमाओं पर सवाल उठाता दिख रहा है। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि व्यक्तिगत निर्णय और सामाजिक परंपराओं के बीच संघर्ष कभी-कभी बेहद असामान्य रूप से सामने आता है। पति और बच्चों की सहमति से संपन्न यह विवाह, एक तरफ परिवारिक विवाद का हल माना जा सकता है, वहीं दूसरी ओर यह सामाजिक और नैतिक दृष्टि से कई सवाल खड़े करता है। बच्चों के प्रतिवाद ने यह दिखाया कि भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक संबंध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घटना के बाद पूरे गांव में इस विवाह की चर्चा जोरों पर है। लोग इस तरह के निर्णय के नैतिक और सामाजिक पहलुओं पर विभिन्न दृष्टिकोण रख रहे हैं।


