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आर्टेमिस 2 मिशन: 50 साल बाद चांद से सुरक्षित लौटे 4 अंतरिक्ष यात्री, अब मंगल की तैयारी

लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इंसानों ने 1 बार फिर चंद्रमा की ओर सफल उड़ान भरी है। नासा (NASA) का ऐतिहासिक आर्टेमिस 2 (Artemis 2) मिशन पूरी तरह से सफल रहा है और चंद्रमा के करीब पहुंचकर अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए हैं। यह मिशन न केवल 1 बड़ी तकनीकी सफलता है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान में मानव अन्वेषण के नए युग की शुरुआत भी है।

प्रशांत महासागर में सफल ‘स्प्लैशडाउन’

आर्टेमिस 2 मिशन के तहत 4 अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन—ने पृथ्वी से लगभग 4 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।

इस मिशन से जुड़ी कुछ अहम बातें इस प्रकार हैं:

  • वापसी का सफर सबसे चुनौतीपूर्ण था। जब ओरियन स्पेसक्राफ्ट (Orion spacecraft) ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, तो उसकी गति 40000 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक थी।
  • इस तेज रफ्तार के कारण यान के चारों ओर आग की 1 चमकदार परत बन गई, लेकिन उसकी अत्याधुनिक हीट शील्ड ने सभी 4 यात्रियों को सुरक्षित रखा।
  • अंततः, ओरियन कैप्सूल ने प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन (Splashdown) किया।

नौसेना ने किया रेस्क्यू, ISS से भी दिखा नजारा

प्रशांत महासागर में उतरने के तुरंत बाद, अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस जॉन पी. मर्था (USS John P. Murtha) ने सभी 4 अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल जहाज के मेडिकल बे में उनके स्वास्थ्य का गहन परीक्षण किया जा रहा है।

इस ऐतिहासिक पल का गवाह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भी बना। वहां मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय ओरियन यान की चमकदार रोशनी और धुएं की लकीर देखी। इस शानदार यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने ‘अर्थ राइज’ (चंद्रमा के क्षितिज से उगती पृथ्वी) की कई अद्भुत तस्वीरें भी लीं, जिन्होंने 1 बार फिर पूरी दुनिया को रोमांचित कर दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप की बधाई: ‘अब नजरें मंगल पर’

इस बड़ी कामयाबी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टेमिस 2 टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए 1 ‘शानदार और गर्व का क्षण’ बताया। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि चंद्रमा फतह करने के बाद अब मानव का अगला बड़ा लक्ष्य मंगल (Mars) ग्रह की यात्रा करना होगा।

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