राइस मिलों में सघन जांच अभियान, 200 क्विंटल धान जब्त, राइस मिल सील

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और उठाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने लगातार सघन जांच अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत सर्तक ऐप के माध्यम से मिली शिकायतों की जांच कर उपार्जन केंद्रों, राइस मिलों और समितियों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा रहा है। इसी क्रम में आज धरसीवां विकासखंड के ग्राम दोंदेकला स्थित प्राथमिक कृषि साख सेवा सहकारी समिति में संयुक्त जांच दल ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान पीडी
राइस मील की संचालक नूतन अग्रवाल से संबंधित 500 कट्टा धान यानी लगभग 200 क्विंटल धान जब्त किया गया। इसके साथ ही धान परिवहन में प्रयुक्त ट्रक नंबर CG 04 JE 0813 को भी जप्त कर राइस मिल को सील कर दिया गया।
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य शासन ने सर्तक ऐप के माध्यम से नई तकनीकी व्यवस्था लागू की है। इस तकनीक के तहत धान खरीदी और परिवहन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी वाहनों की जीपीएस तकनीक से ट्रैकिंग की जा रही है तथा संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में लगे कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि सर्तक ऐप पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर आगामी तीन दिनों के भीतर राजस्व, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच अभियान जारी रहेगा। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित राइस मिलों को काली सूची में डाला जाएगा और आवश्यकतानुसार सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई से धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य समय पर मिलेगा। साथ ही, बिचौलियों या किसी अन्य अवैध गतिविधि को रोकने में यह कदम सहायक साबित हो रहा है। धान खरीदी के दौरान राज्य शासन ने किसानों को समय पर भुगतान और उनके हित की रक्षा को प्राथमिकता दी है। सर्तक ऐप जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं से प्रशासन को यह सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है कि धान का उठाव सही ढंग से हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भंडाफोड़ समय पर की जा सके।
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जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए आगामी दिनों में भी सतत निरीक्षण और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और किसी भी अनियमित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान से किसानों के मन में विश्वास बढ़ा है और उन्हें यह भरोसा मिला है कि उनके हित की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है। साथ ही, यह कदम राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


