Fake e-Challan Scam: फर्जी चालान मैसेज और लिंक से रहें सावधान, जानिए भुगतान का सही और सुरक्षित तरीका

रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने आज एक प्रेस रिलीज़ जारी कर फर्जी चालान मैसेज और लिंक से सावधान रहने की अपील की है, उन्होंने कहा है कि, साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इनमें से सबसे आम तरीका है फर्जी ई-चालान (e-Challan) मैसेज और वेबसाइट्स या एप्लीकेशंस के जरिए लोगों को धोखा देना। अक्सर लोगों के पास अनजान नंबरों से ट्रैफिक चालान कटने का मैसेज आता है, जिसमें भुगतान के लिए एक लिंक दी गई होती है। इस लिंक पर क्लिक करते ही आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।
आइए जानते हैं कि इस Fake e-Challan Scam से कैसे बचें और अपने वाहन के चालान का सुरक्षित भुगतान कैसे करें।
ई-चालान चेक करने और भुगतान का आधिकारिक तरीका
कभी भी अनजान या अनाधिकृत लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी संदिग्ध एप्लीकेशन पर लॉग-इन करें। अपने वाहन के पेंडिंग ई-चालान का भुगतान करने के लिए हमेशा सरकार द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें:
- आधिकारिक वेबसाइट: https://echallan.parivahan.gov.in/
- आधिकारिक ऐप: NextGen mParivahan App
पेमेंट करने से पहले अपने चालान को हमेशा इन अधिकृत वेबसाइट या एप्लीकेशन पर वेरिफाई जरूर करें।
थर्ड पार्टी ऐप्स से बचें: बचेंगे आपके पैसे
ध्यान रखें कि यदि आप अधिकृत वेबसाइट या एप्लीकेशन से चालान का पेमेंट करते हैं, तो आपको कोई अतिरिक्त चार्ज (Extra Charge) नहीं देना पड़ता है। वहीं, अगर आप किसी थर्ड पार्टी पोर्टल या एप्लीकेशन के जरिए भुगतान करते हैं, तो आपको टैक्स के रूप में अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है। इसलिए समझदारी इसी में है कि आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।
सुरक्षित रहने के लिए 5 प्रमुख सावधानियां
1. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: अनजान नंबर से आए SMS या व्हाट्सएप (WhatsApp) पर आए ‘चालान पे’ लिंक से पूरी तरह बचें। केवल तभी लिंक पर क्लिक करें जब मैसेज निम्नलिखित अधिकृत सेंडर आईडी (Sender ID) से आया हो:
- BV-VAAHAN-G
- BT-VAAHAN-G
- BH-VAAHAN-G
- BM-VAAHAN-G
- BZ-VAAHAN-G
2. आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें: लेन-देन के लिए केवल https://echallan.parivahan.gov.in/ या NextGen mParivahan App का इस्तेमाल करें।
3. वेबसाइट की स्पेलिंग जांचें: साइबर अपराधी हूबहू असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बना लेते हैं। इसलिए, लिंक पर क्लिक करने से पहले URL की स्पेलिंग (Spelling) को ध्यान से चेक करें।
4. OTP कभी साझा न करें: किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) शेयर न करें, भले ही फोन करने वाला खुद को पुलिस या परिवहन विभाग का अधिकारी ही क्यों न बताए।
5. फर्जी कॉल्स से रहें सावधान: किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज के दबाव में आकर जल्दबाजी में तुरंत भुगतान न करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत क्या करें?
अगर दुर्भाग्य से आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो घबराएं नहीं बल्कि तुरंत ये 2 कदम उठाएं:
- साइबर हेल्पलाइन: तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
- बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को तुरंत घटना की जानकारी दें ताकि आपके खाते से होने वाले अनधिकृत ट्रांजैक्शन को रोका जा सके।
एक जरूरी अपील: सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे अपने मोबाइल में NextGen mParivahan App इंस्टॉल कर लें। इसमें आपको परिवहन विभाग की सभी सेवाएं मिलेंगी। यह पूरी तरह सुरक्षित है और आप अतिरिक्त चार्ज देने से भी बच सकते हैं। साथ ही, इस ऐप में आप अपने वाहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे RC, DL) भी डिजिटली सुरक्षित रख सकते हैं।



