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Chhattisgarh Naxalite Surrenders: बस्तर में मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी की महिला सुरक्षा गार्ड ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर संभाग में नक्सलियों के सरेंडर करने का सिलसिला लगातार और तेज़ी से जारी है। ताज़ा Chhattisgarh Naxalite Surrenders (छत्तीसगढ़ नेक्सलाइट सरेंडर) गुरुवार को कांकेर (Kanker) ज़िले में मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी की सुरक्षा गार्ड रामको मंडावी ने पुलिस के सामने अपने हथियार डाल दिए हैं। जानकारी के मुताबिक़, बस्तर में वामपंथी उग्रवाद (LWE) के ख़ात्मे को लेकर चलाए जा रहे पुलिस के सख़्त अभियानों और पुनर्वास नीतियों का यह एक बहुत बड़ा और सकारात्मक असर है।

Chhattisgarh Naxalite Surrenders: मोस्ट वांटेड (Most Wanted) रूपी की तलाश तेज़

रामको मंडावी का सरेंडर पुलिस के लिए एक बड़ी क़ामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि वह लंबे समय से मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी की बेहद क़रीबी सुरक्षा गार्ड के रूप में सक्रिय थी। इस सरेंडर के बाद अब पुलिस को रूपी के छिपने के ताज़ा ठिकानों और माओवादी नेटवर्क की अहम् जानकारी मिलने की पूरी उम्मीद है। प्रशासन ने रामको मंडावी से मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर मोस्ट वांटेड रूपी की सख़्त तलाश और तेज़ कर दी है।

हार्डकोर नक्सलियों (Naxalites) के सरेंडर से टूट रहा माओवादी नेटवर्क

ग़ौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले कोयलीबेड़ा इलाक़े में दो बड़े और हार्डकोर नक्सलियों, शंकर और हिडमा ने भी सरेंडर किया था। इनमें से एक नक्सली ने तो ख़तरनाक एके-47 (AK-47) राइफ़ल के साथ आत्मसमर्पण किया था। ये दोनों लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में पूरी तरह सक्रिय थे और कई हिंसक वारदातों में सीधे तौर पर शामिल रहे थे। इन लगातार सरेंडर से यह बिल्कुल साफ़ हो गया है कि बस्तर में माओवादियों का नेटवर्क अब तेज़ी से कमज़ोर पड़ रहा है।

मुख्यधारा (Mainstream) में लौटने का बन रहा नया माहौल

पुलिस और सुरक्षाबलों की ‘पूना मारगेम’ (नई शुरुआत) जैसी नीतियों ने भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है। प्रशासन का पूरा ज़ोर अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को बेहतर जीवन और पुनर्वास (Rehabilitation) की सुविधाएं देने पर है।

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