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विश्व आदिवासी दिवस पर पारंपरिक अंदाज में दिखाई दिए सीएम

रायपुर/जनदखल. विश्व आदिवासी दिवस पर राजधानी रायपुर सहित बस्तर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तरिया अंदाज में दिखाई दिए। हाथों में तीर-कमान लिए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा हिंदुस्तान में आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में उन्हें लौटाया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोंडगांव में 214 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। 2 अक्टूबर से प्रदेश में कुपोषण मुक्त अभियान चलाने की घोषणा की। अभियान के तहत पीड़ितों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ को तीन साल में कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सीएम बघेल ने कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 5 साल से कम उम्र के 37.60 % बच्चे कुपोषण से और 15 से 49 वर्ष की 41.50 % बेटियां और माताएं एनीमिया से पीड़ित हैं। कुपोषण और एनीमिया के कारण देश में प्रतिवर्ष लाखों बच्चों की मौत हो जाती है। बच्चे जन्म के समय से ही कम वजन के होते हैं, उनकी ऊंचाई नहीं बढ़ती और उनके शारीरिक और मानसिक विकास की प्रक्रिया अवरूद्ध हो जाती है। इस विकट समस्या के निराकरण के लिए अत्यंत गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।

सरकार की ओर से विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई थी। ऐसा पहली बार हुआ था कि आदिवासी दिवस पर सरकारी अवकाश था और प्रदेश भर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था। राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में बस्तर से आए कलाकारों ने आदिवासी परंपराओं और लोकनृत्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों और छात्र-छात्राओं को एकता-अखंडता के साथ प्रदेश और देश की संस्कृति रक्षा की शपथ भी दिलाई गई।

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