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जातिसूचक टिप्पणी करना पड़ा भारी, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने मांगी माफी

रायपुर/जनदखल. विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह पर सामान्य बोलचाल में जातिसूचक टिप्पणी करना पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को भारी पड़ गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर कड़ी आपत्ति की और इसके बाद पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर को माफी मांगनी पड़ी। हालांकि इस बीच चंद्राकर ने कहा कि पिछले 20 सालों में उन्होंने कभी भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया। चाहे तो सदन का रिकॉर्ड निकलवाकर देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपसी चर्चा में इस तरह की बात होती है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि जातिसूचक शब्दों का किसी भी तरह प्रयोग न हो, यह स्थाई आदेश होना चाहिए। बिलासपुर में मान्यता प्राप्त संचालित अशासकीय स्कूलों में फीस निर्धारण पर चर्चा के दौरान श्री चंद्राकर ने स्कूल शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी कर दी। इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्य खड़े हो गए। सत्ता पक्ष के सदस्य देवेन्द्र यादव, मनोज मंडावी और अन्य सदस्यों ने जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया और चंद्राकर को अपना शब्द वापस लेने के लिए कहा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यदि कोई आपत्तिजनक शब्द होगा, तो विलोपित करा लिया जाएगा।

इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करना घोर आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि अजय चंद्राकर वरिष्ठ, जानकार और सम्मानीय है। अनजाने में उनसे कोई शब्द निकल गया हो, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अपना शब्द वापस लेने से कोई छोटा नहीं हो जाएगा। इससे उनका कद बढ़ेगा ही। इसके बाद श्री चंद्राकर ने माफी मांग ली।

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