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नानाजी देशमुख, डॉ. भूपेन हजारिका एवं प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न

नई दिल्ली/जनदखल. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया। इसके अलावा नानाजी देशमुख (मरणोपरांत) और डॉ. भूपेन हजारिका (मरणोपरांत) को भी देश का सर्वोच्च सम्मान दिया गया। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन हस्तियों को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की घोषणा की थी।

प्रणब मुखर्जी जुलाई 2012 से जुलाई 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे। इसके पहले उन्होंने वित्त, रक्षा और विदेश जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली थी. साल 2004 से 2012 तक केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में उन्हें प्रमुख संकटमोचक माना जाता था। ज्ञान और इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की और बाद में कलकत्ता विश्वविद्यालय से एलएलबी किया।

एक अनुभवी राजनेता के तौर पर श्री मुखर्जी ने न केवल कांग्रेस पार्टी में पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की सरकार के साथ काम किया बल्कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकारों में भी काम किया। भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपने चुनाव से पहले, मुखर्जी ने 2009 से 2012 तक केंद्रीय वित्त मंत्री का पद संभाला था।

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