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PM Modi ने की तारीफ: छत्तीसगढ़ के बारनवापारा में काले हिरणों की शानदार वापसी, संख्या पहुंची 200 के पार

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में राज्य के बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) में काले हिरणों (Blackbucks) के संरक्षण प्रयासों की जमकर सराहना की है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक शानदार सफलता की कहानी बयां कर रहा है। कभी काले हिरणों से खाली हो चुका यह जंगल, आज लगभग 200 काले हिरणों का सुरक्षित घर बन गया है।

5 दशकों तक विलुप्त रहने के बाद लौटी रौनक

बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों की वापसी का सफर आसान नहीं था।

  • 1970 के दशक के बाद बढ़ते अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने के कारण इस क्षेत्र से काले हिरण लगभग पूरी तरह से समाप्त हो गए थे।
  • करीब 5 दशकों तक इस इलाके में काले हिरण स्थानीय रूप से विलुप्त माने जाते रहे।
  • इस निराशाजनक स्थिति में बदलाव तब आया, जब अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की 9वीं बैठक में काले हिरणों के पुनर्स्थापन (Revival) की योजना को आधिकारिक स्वीकृति मिली। इसके बाद वन विभाग ने एक ठोस योजना के तहत इन्हें फिर से बसाने का काम शुरू किया।

चुनौतियों से पार पाकर 200 तक पहुंची संख्या

काले हिरणों को वापस बसाने की यह मुहिम चुनौतियों से भरी थी।

  • शुरुआत में निमोनिया जैसी बीमारी के कारण लगभग 8 काले हिरणों की दुखद मृत्यु हो गई थी।
  • इस झटके के बाद वन प्रबंधन ने अपनी प्रणाली में व्यापक सुधार किए। बाड़ों में जानवरों के लिए मजबूत और सूखी सतह बनाने के लिए रेत की परत बिछाई गई।
  • बारिश में जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था बनाई गई और अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर किया गया। साथ ही, उनकी देखभाल के लिए एक विशेष पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।
  • इन निरंतर प्रयासों का नतीजा है कि आज बेहतर पोषण और अनुकूल वातावरण के कारण इनकी आबादी बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई है।

जानिए काले हिरण (Blackbuck) की खासियत

काला हिरण भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त और बेहद सुंदर जीव है।

  • नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा या काला होता है और इसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं, जो 75 सेंटीमीटर तक लंबे हो सकते हैं।
  • नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच होता है।
  • वहीं, मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और आमतौर पर उनके सींग नहीं होते। मादाओं का वजन 20 से 33 किलोग्राम तक होता है।
  • इनकी औसत ऊंचाई 74 से 84 सेंटीमीटर के बीच होती है। यह प्रजाति मुख्य रूप से खुले घास के मैदानों में रहना पसंद करती है।

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