अमित बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: 3 महीने की Amit Baghel Bail मंजूर, लेकिन रायपुर में नो-एंट्री

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल को एक बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें 3 महीने की अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। दरअसल, दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने यह अहम फैसला सुनाया है, जिससे Amit Baghel Bail का रास्ता साफ हो गया।
Amit Baghel Bail: रायपुर जिले में प्रवेश पर रोक
हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत तो दे दी है, लेकिन इसके साथ एक सख्त शर्त भी जोड़ी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत की इस 3 महीने की अवधि के दौरान अमित बघेल रायपुर जिले की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास नहीं कर सकेंगे।
हालांकि, इस नियम में एक छोटा सा अपवाद भी रखा गया है। उन्हें केवल अधीनस्थ न्यायालय के समक्ष निर्धारित तारीखों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ही रायपुर जिले में प्रवेश करने की अनुमति मिलेगी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की, जबकि आपत्तिकर्ता का पक्ष सुनील ओटवानी और राज्य सरकार का पक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने मजबूती से रखा।
क्या था पूरा विवाद और कैसे दर्ज हुईं 14 FIR?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 26 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब रायपुर के वीआईपी चौक पर स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इसके बाद अमित बघेल ने मौके पर पहुंचकर भारी हंगामा किया, जिससे उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। परिणाम स्वरूप, शहर के हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे।
हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे की हालत में इस घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा, प्रशासन ने सम्मानपूर्वक छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को दोबारा स्थापित करवा दिया था।
आपत्तिजनक टिप्पणी और समाज का भारी विरोध
इस हंगामे और प्रदर्शन के दौरान अमित बघेल पर एक और गंभीर मामला दर्ज हुआ। दरअसल, उन पर सिंधी समाज और अग्रवाल समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इसके तुरंत बाद समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और देशभर में इसका विरोध शुरू हो गया।
परिणाम स्वरूप, रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा सहित कई जिलों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस में शिकायतें दी गईं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अमित बघेल के खिलाफ थाना तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर में कुल 14 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थीं।



