Kanker Bear Attack: नरहरपुर और देवगांव में 3 लोगों की मौत, हमलावर मादा भालू ट्रेंकुलाइज

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। (Kanker Bear Attack) जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला और ग्राम देवगांव में भालू के अलग-अलग हमलों में कुल तीन लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में एक भाई-बहन और एक 67 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं। इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया गया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग (CG Forest Department) की टीम ने हमलावर भालू को ट्रेंकुलाइज कर लिया है।
मामला क्या है, Kanker Bear Attack
मिली जानकारी के अनुसार, कांकेर (Kanker News) के लारगांव मरकाटोला में एक बीमार मादा भालू ने अचानक आक्रामक रूप ले लिया। बुधवार को इस मादा भालू ने गांव के दो सगी बहनों और एक भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। भालू का हमला इतना भयानक था कि एक भाई और एक बहन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अपनों को बचाने दौड़ी बहन भी गंभीर
हमले के दौरान 30 वर्षीय सोरिन जुर्री ने अपने भाई-बहनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रामक भालू ने उस पर भी हमला कर दिया। सोरिन इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गई। (Kanker Bear Attack) ग्रामीणों की मदद से उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद भालू काफी देर तक शवों के आस-पास ही मंडराती रही।
देवगांव में भी एक मौत
भालू के आतंक का यह एकमात्र मामला नहीं था। इसी क्षेत्र के ग्राम देवगांव में भी एक अन्य भालू ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। इस हमले में 67 वर्षीय बुजुर्ग देवबली ध्रुव की जान चली गई। एक ही दिन में आस-पास के गांवों में तीन मौतों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
घटना के मुख्य बिंदु (Kanker Bear Attack)
- घटनास्थल: लारगांव मरकाटोला और देवगांव (नरहरपुर वन परिक्षेत्र, कांकेर)
- कुल मौतें: 3 (एक भाई, एक बहन और 67 वर्षीय देवबली ध्रुव)
- घायल: 1 (30 वर्षीय सोरिन जुर्री, रायपुर रेफर)
- वन विभाग की कार्रवाई: हमलावर मादा भालू को ट्रेंकुलाइज किया गया
घटना का टाइमलाइन
- मंगलवार सुबह: ग्रामीणों ने लारगांव मरकाटोला के स्कूल के पीछे से आवाजें सुनीं। वहां एक बीमार मादा भालू अपने ही बच्चे को नोच रही थी।
- मंगलवार दिनभर: भालू आक्रामक अवस्था में वहीं घूमती रही।
- बुधवार: आक्रामक मादा भालू ने भाई-बहन पर हमला कर उनकी जान ले ली।
- बुधवार दोपहर/शाम: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वन अमले की टीम ने मौके पर पहुंचकर भालू को ट्रेंकुलाइज किया।
वन विभाग की कार्रवाई, Kanker Bear Attack
ग्रामीणों की सूचना के बाद वन अमले की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधि तत्काल मौके पर पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने हमलावर भालू को ट्रेंकुलाइज कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पूरे इलाके में वन विभाग की टीम गश्त कर रही है।
इस घटना (Kanker Bear Attack) के बाद लारगांव मरकाटोला और देवगांव सहित आस-पास के पूरे ग्रामीण इलाके में भारी खौफ है। ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जंगल के आस-पास अकेले न जाने की सलाह दी गई है।
Kanker Bear Attack
Q: कांकेर भालू हमले में कितने लोगों की मौत हुई है? A: कांकेर के लारगांव मरकाटोला और देवगांव में हुए भालू के हमले में कुल 3 लोगों की मौत हुई है।
Q: भालू के हमले में घायल सोरिन जुर्री को कहां रेफर किया गया है? A: 30 वर्षीय सोरिन जुर्री को गंभीर अवस्था में रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया गया है।
Q: क्या हमलावर भालू को पकड़ लिया गया है? A: हां, वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हमलावर मादा भालू को ट्रेंकुलाइज कर लिया है।
Q: भालू आक्रामक क्यों हुआ था? A: ग्रामीणों के अनुसार, मादा भालू बीमार थी और उसने मंगलवार को अपने ही बच्चे को नोच डाला था, जिसके बाद वह आक्रामक हो गई थी।
कांकेर जिले में जंगली जानवरों, विशेषकर भालुओं का रिहायशी इलाकों में आना और इस तरह के जानलेवा हमले करना एक गंभीर चिंता का विषय है। (Kanker Bear Attack) वन विभाग को इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा देना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।






