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Raipur DSP Fraud Case: पुलिस अफसर को ही दे रहा था मनचाही पोस्टिंग का झांसा, 5 लाख मांगने वाला ‘फर्जी अधिकारी’ गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। (Raipur DSP Fraud Case) दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाने वाले एक पुलिस अधिकारी (DSP) को ही एक शातिर जालसाज ने अपने झांसे में लेने की कोशिश की। राजधानी में पदस्थ डीएसपी गुरु नारायण से 5 लाख रुपये लेकर मनचाही पोस्टिंग दिलाने का दावा करने वाले इस शातिर ठग को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू है। यह खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था।

ट्रेन के सफर में हुई थी DSP से मुलाकात

इस पूरे Raipur DSP Fraud Case की शुरुआत एक ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी। आरोपी रजनीश कुमार राय की मुलाकात सफर के दौरान डीएसपी गुरु नारायण से हुई। ट्रेन में उसने खुद को केंद्र सरकार का बड़ा अधिकारी बताया और डीएसपी से मोबाइल नंबर लेकर लगातार उनके संपर्क में रहने लगा।

कुछ दिनों तक बातचीत करने के बाद आरोपी ने केंद्रीय मंत्रालयों और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से अपनी गहरी पैठ होने का झूठा दावा किया। इसी का फायदा उठाते हुए उसने डीएसपी को उनकी मनचाही जगह पर पोस्टिंग कराने का भरोसा दिलाया और इस काम के एवज में 5 लाख रुपये की भारी-भरकम मांग कर दी।

फर्जी आई-कार्ड से झाड़ता था रौब, ऐसे हुआ शक

आरोपी की बातों और दावों पर जब डीएसपी गुरु नारायण को शक हुआ, तो उन्होंने उसकी पृष्ठभूमि खंगालनी शुरू की। डीएसपी ने सिविल लाइंस थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि आरोपी विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के फर्जी और एडिटेड (Edited) पहचान पत्र (ID Card) तैयार कर लोगों को दिखाता था।

इन्हीं जाली दस्तावेजों के सहारे वह खुद को दिल्ली का वरिष्ठ अधिकारी बताता था और नौकरी, पोस्टिंग या सरकारी काम कराने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल एक्शन लेते हुए जालसाज को धर दबोचा।

बिहार और छत्तीसगढ़ में फैला है ठगी का जाल

सिविल लाइंस पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी रजनीश कुमार राय मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला है। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ के अमलेश्वर में रहकर अपना पूरा ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।

जांच में यह भी सामने आया है कि अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इस फर्जी अफसर ने अब तक बिहार और छत्तीसगढ़ के दो दर्जन से अधिक लोगों को नौकरी और मनचाही पोस्टिंग का झांसा देकर ठगा है। फिलहाल, पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य संभावित पीड़ितों की विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि उसके पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों को बेनकाब किया जा सके।

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