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Mahasamund Fraud Case: ‘मुफ्त कुकर’ का लालच देकर 138 महिलाओं के लिए फिंगरप्रिंट, रातों-रात निकाल लिया 1.31 करोड़ का लोन; 2 बैंक एजेंट गिरफ्तार

Crime News (महासमुंद): छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से धोखाधड़ी और महाठगी (Mahasamund Fraud Case) का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है।

जिले के बसना थाना क्षेत्र के ग्राम पिरदा में एक शातिर गिरोह ने ‘मुफ्त प्रेशर कुकर‘ बांटने का लालच देकर 138 गरीब महिलाओं के अंगूठे के निशान (फिंगरप्रिंट) ले लिए। इसके बाद पलक झपकते ही उनके नाम पर 1 करोड़ 31 लाख 31 हजार 630 रुपये का फर्जी लोन निकाल लिया। इस बड़े घोटाले में महासमुंद पुलिस ने 1 जुलाई 2026 को दो मुख्य बैंक एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया है।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • मुफ्त कुकर का झांसा: ठगों ने महिलाओं को सरकारी योजना के तहत मुफ्त कुकर देने का लालच दिया था।
  • मशीन खराब होने का बहाना: बायोमेट्रिक मशीन खराब होने का नाटक कर महिलाओं से 3-4 बार अंगूठे के निशान लिए गए।
  • रिकवरी एजेंट पहुंचे तब खुला राज: जब बैंक वाले किस्त मांगने गांव पहुंचे, तब महिलाओं को इस ठगी का पता चला।
  • बैंक के दो BC गिरफ्तार: पुलिस ने अपनी आईडी का दुरुपयोग करने वाले 2 बैंक कॉरेस्पॉन्डेंट्स को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे रची गई करोड़ों की ठगी की यह शातिर साजिश?

इस Mahasamund Fraud Case के मास्टरमाइंड एजेंट सुदर्शन साहू ने महिलाओं को फंसाने के लिए गांव में जाल बिछाया। सुदर्शन महिलाओं को एक जगह इकट्ठा करता और मुफ्त कुकर दिलाने के नाम पर उनका आधार कार्ड लेकर बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट स्कैन करवाता।

शातिर ठग जानबूझकर ‘तकनीकी खराबी’ का झूठा बहाना बनाते और एक-एक महिला से 3 से 4 बार मशीन पर फिंगरप्रिंट लगवाते। महिलाओं को भनक तक नहीं लगी कि उनके इसी अंगूठे के निशान और ओटीपी का इस्तेमाल करके इंडसइंड बैंक और भारत फाइनेंस से उनके नाम पर 50,450 रुपये और 58,000 रुपये के फर्जी लोन पास कराए जा रहे हैं।

किस्त मांगने पहुंचे रिकवरी एजेंट, तो उड़े महिलाओं के होश

इस करोड़ों के महाघोटाले का राज तब खुला, जब भारत फाइनेंस के रिकवरी कर्मचारी लोन की किस्तें (EMI) मांगने अचानक पिरदा गांव पहुंच गए।

जब कर्मचारियों ने पैसे मांगे, तो महिलाएं सन्न रह गईं, क्योंकि उन्होंने कभी किसी लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया था। इसके बाद 1 अप्रैल 2025 को पीड़ित महिला रजनी देवांगन ने बसना थाने में मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ट्रांजेक्शन खंगाले तो 138 महिलाओं से ठगी की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने मुख्य एजेंट सुदर्शन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

अब पर्दे के पीछे खेल करने वाले बैंक के 2 BC गिरफ्तार

पुलिस की तफ्तीश में बैंकिंग सिस्टम के लूपहोल भी सामने आए। 1 जुलाई 2026 को महासमुंद पुलिस ने इस सिंडिकेट में पर्दे के पीछे से खेल करने वाले दो मुख्य बैंक बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (BC) को गिरफ्तार कर लिया है।

  • गिरफ्तार आरोपी: लक्ष्मीचंद देवांगन (40 वर्ष) और मनोहर जटवार (33 वर्ष)।
  • क्या मिला: पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल की गई बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। ये दोनों अपनी अधिकृत बैंक आईडी का दुरुपयोग कर रहे थे।

बैंक के बड़े अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज

महासमुंद की एसपी (SP) प्रतिभा पांडेय ने बताया कि इन आरोपियों ने ग्रामीण महिलाओं की मासूमियत का फायदा उठाकर इस गंभीर आर्थिक अपराध को अंजाम दिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और बहुत जल्द इस केस में बैंक के अन्य बड़े अधिकारियों की संलिप्तता का भी पर्दाफाश हो सकता है।

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