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Fuel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग से थमी निजी वाहनों की रफ्तार, सार्वजनिक परिवहन और EV की मांग में भारी उछाल

Public Transport Ridership Jumps:दरभंगा/सिंहवाड़ा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा और व्यापक असर अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। बेतहाशा बढ़ती कीमतों के कारण आम जनता ने अपने निजी वाहनों का उपयोग काफी हद तक सीमित कर दिया है, जिससे सड़कों पर चहलकदमी कम हो गई है। इसके विपरीत, लोग अब भारी संख्या में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का रुख कर रहे हैं और बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की जा रही है। दूसरी ओर, ग्राहकों की कमी के कारण पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री में भारी गिरावट आई है।

आसमान छूती कीमतें: रविवार बनाम आज के रेट्स

पिछले कुछ ही दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में जो उछाल आया है, उसने आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। पेट्रोल पंपों से प्राप्त ताज़ा आंकड़ों के अनुसार कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है:

ईंधन का प्रकार (Fuel Type)रविवार की कीमत (प्रति लीटर)आज की कीमत (प्रति लीटर)
पेट्रोल (Petrol)₹111.22₹114.10
डीजल (Diesel)₹97.22₹100.05

वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी, घटाया तेल का बजट

सड़कों पर चलने वाले दोपहिया, तिपहिया और चौपहिया वाहनों के चालकों में इस बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर भारी चिंता और आक्रोश है। स्थानीय वाहन चालकों पप्पू कुमार, पंकज कुमार, सरोज ठाकुर, अशोक पासवान, मुकेश लाल, श्रवण कुमार, तेजनारायण यादव, ललन शर्मा, हिमांशु चौधरी, आलोक झा, सुभाषचंद्र राम, मुकुल श्रीवास्तव और दिनेश शर्मा सहित कई अन्य ने अपनी परेशानी साझा की।

इन वाहन चालकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों की वजह से अब वे पहले की तुलना में बहुत ही कम ईंधन खरीद पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अत्यधिक खर्च से बचने के लिए उन्होंने वाहनों का बेवजह इस्तेमाल बंद कर दिया है, जिससे सड़कों पर गाड़ियां कम दिख रही हैं। यदि कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में आम आदमी का गुजारा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

सार्वजनिक परिवहन में भारी भीड़, बसों के किराए में बढ़ोतरी नहीं

निजी वाहनों से दूरी बनाने के बाद आम लोग अब यात्रा के लिए बसों और अन्य सार्वजनिक साधनों का सहारा ले रहे हैं। बस चालक शंभू यादव ने इस बात की पुष्टि की है कि पिछले कुछ दिनों से बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि (Ridership Jumps) हुई है। हालांकि, यात्रियों के लिए एक राहत की बात यह है कि इस भीड़ और डीजल की महंगाई के बावजूद फिलहाल बसों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यात्रियों को अभी भी पुरानी दरों पर ही उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।

पेट्रोल पंपों पर छाई मंदी, ग्राहकों का टोटा

ईंधन की कीमतों में हुए इस बड़े बदलाव से सर्राफा बाजार और ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ खुद पेट्रोल पंप संचालक भी परेशान हैं। पंपों पर तैनात कर्मियों के अनुसार, अचानक से ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आ गई है।

‘भरद्वाज फ्यूल्स पंप’ के प्रबंधक रामलखन ठाकुर ने बताया कि बढ़ती कीमतों के कारण लोग अब टंकी फुल कराने के बजाय बेहद सीमित मात्रा में तेल भरवा रहे हैं। स्थिति यह है कि जो मोटरसाइकिल चालक पहले एक बार में पांच सौ रुपये का पेट्रोल लेते थे, वे अब केवल एक सौ रुपये का ही पेट्रोल भरवाकर काम चला रहे हैं। इसके साथ ही, कई लोग अब महंगे ईंधन के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक दोपहिया और चौपहिया वाहनों को अपना रहे हैं, जिससे बाजार में ईवी की मांग तेजी से सोर (Soar) कर रही है।

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