अब छत्तीसगढ़ के DIG स्तर के अधिकारी का वीडियो इंदौर हनीट्रैप कांड में?

रायपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल लाने वाले बहुचर्चित ‘इंदौर हनीट्रैप कांड’ (Indore Honeytrap Case) का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग और सेक्स स्कैंडल मामले में अब एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों के हाथ एक ऐसा कथित वीडियो लगा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के एक DIG स्तर के अधिकारी का कथित वीडियो सामने आने की चर्चा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे पुलिस और प्रशासनिक महकमे में भारी खलबली मच गई है।
क्या है नया ‘वीडियो एंगल’?
हनीट्रैप मामले की जांच कर रही विशेष टीम को आरोपियों के पास से जब्त किए गए हजारों डिजिटल साक्ष्यों में से यह नया वीडियो मिला है।
- अधिकारी की संलिप्तता: सूत्रों के अनुसार, इस कथित वीडियो क्लिप में छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (DIG रैंक) आपत्तिजनक स्थिति में या आरोपियों के साथ संदिग्ध बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
- जांच की दिशा बदली: अब तक इस रैकेट में मुख्य रूप से राजनेताओं, पूर्व मंत्रियों और बड़े नौकरशाहों के शामिल होने की बात सामने आ रही थी, लेकिन एक वरिष्ठ खाकी वर्दीधारी का नाम उछलने से यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
- सत्यता की जांच: पुलिस मुख्यालय और जांच एजेंसियां फिलहाल इस वीडियो की फॉरेंसिक जांच (Forensic Investigation) करवा रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह वीडियो असली है या इसके साथ कोई छेड़छाड़ (Morphing) की गई है।
क्या था इंदौर हनीट्रैप कांड?
आपको बता दें कि यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2019 में इंदौर से सामने आया था।
- श्वेता जैन, आरती दयाल और बरखा सोनी सहित पांच महिलाओं के एक बड़े गिरोह ने कई प्रभावशाली लोगों को अपने हुस्न के जाल में फंसाया था।
- ये महिलाएं खुफिया कैमरे से राजनेताओं और अधिकारियों के आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करती थीं और फिर करोड़ों रुपये के सरकारी टेंडर या नकद पैसों के लिए उन्हें ब्लैकमेल करती थीं।
- उस दौरान पुलिस ने इनके पास से 1,000 से अधिक वीडियो क्लिप्स, ऑडियो और आपत्तिजनक चैट्स बरामद किए थे।
अब डीआईजी रैंक के अधिकारी का वीडियो सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि इस ‘हनीट्रैप सिंडिकेट’ की जड़ें व्यवस्था में बहुत गहराई तक फैली हुई थीं। आगे की जांच में कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना जताई जा रही है।



