CG Religious Conversion Law: आज से छत्तीसगढ़ में नया धर्मांतरण कानून लागू: कितनी होगी सजा, क्या हैं नियम?

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजनीति और क़ानून व्यवस्था में एक बड़ा और सख़्त बदलाव किया गया है। ताज़ा CG Religious Conversion Law (सीजी रिलिजियस कन्वर्जन लॉ) राज्य सरकार ने विधानसभा में जबरन धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ एक नया और बेहद सख़्त बिल पास कर दिया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस नए क़ानून के तहत धोखे, लालच या ज़बरदस्ती से धर्म परिवर्तन कराने वालों को अब सीधे उम्रक़ैद (आजीवन कारावास) की सज़ा का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में इस अहम फ़ैसले की रोज़ तेज़ चर्चा हो रही है।
CG Religious Conversion Law: क्या हैं नए और सख़्त नियम?
इस नए और सख़्त बिल में धर्म परिवर्तन को लेकर कई कड़े नियम बनाए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्ज़ी से धर्म बदलना चाहता है, तो उसे कम से कम 60 दिन पहले ज़िला मजिस्ट्रेट को इसकी आधिकारिक सूचना देनी होगी। इसके बाद मजिस्ट्रेट पूरी जांच करेगा। प्रशासन ने साफ़ किया है कि अगर बिना पूर्व अनुमति या दबाव में धर्मांतरण पाया गया, तो आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त क़ानूनी क़दम उठाया जाएगा, जिसमें उम्रक़ैद और भारी ज़ुर्माने का प्रावधान है।
बच्चों और महिलाओं के लिए ज़्यादा सुरक्षा
नए क़ानून में महिलाओं, नाबालिगों और एससी/एसटी (SC/ST) वर्ग के लोगों के धर्म परिवर्तन पर विशेष और ज़्यादा ज़ोर दिया गया है। अगर इन वर्गों के लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है, तो सज़ा और भी सख़्त होगी। राज्य के बाज़ार और सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस अहम फ़ैसले का ख़ास तौर पर समर्थन किया है।
राजनीतिक बयानबाज़ी (Political Debate) तेज़
इस नए क़ानून के पास होने के बाद से ही राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर अल्पसंख्यकों को डराने का आरोप लगाया है, जबकि सत्ताधारी दल ने इसे अपनी संस्कृति और भोली-भाली जनता को बचाने के लिए एक बेहद ज़रूरी और सख़्त क़दम बताया है।



